उज्जैन। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पूरी महाराज ने कहा कि जब हम उज्जैन में आते हैं बहुत अच्छा लगता है। चारों और विकास ही विकास है। पुल बन रहे हैं, रास्ते बन रहे हैं, घाट बन रहे हैं बहुत अच्छा लग रहा है।
हमारा मानना है कि इस बार का कुंभ जो है दिव्य और भव्य होगा, “न भूतो न भविष्यति”। ऐसा कुंभ न पहले हुआ था और मैं समझता हूं आगे होना भी मुश्किल है। क्योंकि हमारी जो मोहन यादव सरकार है, ऐसा कुंभ करने जा रही है कि जिसकी प्रशंसा मैं जितनी करूं उतनी कम है।अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पूज्य डॉ. श्रीमहंत रवींद्र पुरी महाराज ने हरिद्वार, नासिक एवं उज्जैन सिंहस्थ को लेकर श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी, बड़नगर रोड पर मीडिया से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि नासिक और हरिद्वार में सरकार द्वारा सिंहस्थ मद से अखाड़ों एवं आश्रमों में स्थायी प्रकृति के निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इसी तर्ज पर उज्जैन में भी सिंहस्थ मद से 13 अखाड़ों एवं आश्रमों में स्थायी निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किए जाने चाहिए।
उन्होंने उज्जैन प्रशासन से मांग की कि निर्माण कार्यों को समय रहते प्रारंभ कराया जाए, ताकि गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण हो सकें और अखाड़ों एवं आश्रमों में आने वाले संतों तथा श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
डॉ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सोच एवं प्रयासों से शिप्रा नदी के 29 किलोमीटर क्षेत्र में घाटों का निर्माण कराया जा रहा है। इससे उज्जैन का वैभव और अधिक बढ़ेगा तथा सिंहस्थ-2028 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को स्नान की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।
सिंहस्थ मेला क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। इससे श्रद्धालुओं को आवागमन एवं अन्य व्यवस्थाओं में सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि निरंजनी अखाड़े ने भी स्वयं अपनी बाउंड्रीवॉल हटाने का कार्य शुरू कर दिया है।
