उज्जैन, । भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के महान योगी एवं सिद्ध पुरुष तैलंग स्वामी के असाधारण जीवन और आध्यात्मिक विरासत पर आधारित फीचर फिल्म ‘योगीराज तैलंग स्वामी : काशी के शिव’ के वर्किंग टाइटल और पोस्टर की घोषणा उज्जैन में आयोजित प्रेस वार्ता में की गई। फिल्म का निर्माण अवभूत म्यूजिक और एम्बर टेंस एंटरटेनमेंट द्वारा किया जा रहा है। फिलहाल फिल्म प्री-प्रोडक्शन के चरण में है।
फिल्म का निर्देशन विज्ञापन एवं फिल्म निर्देशक प्रीति सिंह करेंगी। वे इससे पहले अपनी फीचर फिल्म ‘अतिया बसु गायब हैं’ के लिए जानी जाती हैं, जो लायंसगेट प्ले पर रिलीज हुई थी।
तैलंग स्वामी वाराणसी की आध्यात्मिक परंपरा के प्रतिष्ठित सिद्ध योगियों में से एक माने जाते हैं। वे हठयोग और असाधारण योग साधनाओं के लिए प्रसिद्ध थे। उनका जीवन श्री रामकृष्ण परमहंस, लाहिड़ी महाशय और आनंदमयी मां जैसी महान आध्यात्मिक विभूतियों के समकालीन रहा। श्री रामकृष्ण परमहंस ने उन्हें ‘काशी के चलते-फिरते शिव’ के रूप में संबोधित किया था। परमहंस योगानंद ने भी अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘ऑटोबायोग्राफी ऑफ अ योगी’ में तैलंग स्वामी का उल्लेख किया है।
फिल्म की कहानी तृष्णा नामक 21वीं सदी की एक युवती के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी पहचान, अस्तित्व और जीवन के उद्देश्य की तलाश कर रही है। आंतरिक संघर्षों और दिशाहीनता के बीच उसकी मुलाकात तैलंग स्वामी की आध्यात्मिक विरासत से होती है। इसके बाद शुरू होती है आत्मखोज और आत्मबोध की एक असाधारण यात्रा।
फिल्म के माध्यम से दर्शकों को क्रिया योग के मूल दर्शन, आध्यात्मिक सिद्धांतों तथा शरीर, मन और चेतना के आपसी संबंधों से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा। इसका उद्देश्य आधुनिक जीवन की चुनौतियों के बीच लोगों तक आशा, शक्ति और आत्मचिंतन का संदेश पहुंचाना है।
फिल्म के निर्माता कुं. बलवीर सिंह सोलंकी एवं निकिता वर्मा हैं। निर्माताओं का उद्देश्य तैलंग स्वामी के असाधारण जीवन और भारतीय आध्यात्मिक विरासत को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करना है। फिल्म को समकालीन किरदारों और कालजयी आध्यात्मिक दर्शन के मेल के रूप में तैयार किया जाएगा।
