Sunday, September 20, 2026
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ब्रह्मलीन गुरुदेव स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज के 94वें प्राकट्य दिवस महोत्सव में शामिल हुए

जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज के पावन सान्निध्य में भव्य आयोजन किया गया

उज्जैन,  । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को इंदौर रोड स्थित होटल अंजू श्री में अनंत श्री विभूषित, निवृत्त जगद्गुरु शंकराचार्य महामंडलेश्वर, विश्वविख्यात भारत माता मंदिर (हरिद्वार) के संस्थापक ब्रह्मलीन पूज्यपाद गुरुदेव श्री स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज के 94वें प्राकट्य दिवस महोत्सव में शामिल हुए।

   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्रह्मलीन गुरुदेव श्री स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज के प्राकट्य दिवस के भव्य आयोजन के लिए सभी को अपनी ओर से शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि ब्रह्मलीन गुरुदेव श्री स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज सनातन धर्म, वैदिक संस्कृति एवं राष्ट्रभाव के तेजस्वी प्रवक्ता रहे। उन्होंने हरिद्वार में विश्वविख्यात भारत माता मंदिर की स्थापना की। निवृत्तमान जगद्गुरु शंकराचार्य एवं महामंडलेश्वर के रूप में उन्होंने देश-विदेश में भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का प्रचार-प्रसार किया। उनके 94वें प्राकट्य दिवस पर उज्जैन में आयोजित यह महोत्सव उनकी दिव्य स्मृति, उपदेशों एवं राष्ट्र-धर्म की सेवा को समर्पित है।

   मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संतों के मुखारविंद से जो वाणी निकलती है, उससे संपूर्ण वातावरण धन्य हो जाता है। सनातन धर्म की ध्वजा आज देश और दुनिया में लहरा रही है। प्रारंभ में संतों ने मध्यप्रदेश की इस धरती पर चरण धरकर इसे धन्य किया था। बाबा महाकाल की नगरी में पद्म विभूषण पंडित सूर्यनारायण व्यास जी से जुड़े प्रसंग और यहाँ की ज्योतिष परंपरा के चमत्कार भी हमें स्मरण रहते हैं। संन्यास मार्ग से जुड़कर समाज के लिए जीने वाले हमारे संतवृंद अपनी आध्यात्मिक साधना के साथ समाज की बाधाओं, विकास के मार्गों और चुनौतियों पर चिंतन कर हमें सही दिशा दिखाते हैं। यह हमारी सनातन पद्धति की अद्भुत धरोहर है। सूर्य देवता की भाँति अग्निवर्ण वस्त्र धारण कर संत स्वयं कुछ नहीं चाहते, किंतु गृहस्थ से लेकर सभी वर्गों के कल्याण की कामना करते रहते हैं।

उन्‍होंने कहा कि हम सब सौभाग्यशाली हैं कि बाबा महाकाल की धरती पर दो वर्ष बाद सिंहस्थ महापर्व होने जा रहा है। संतों के मार्गदर्शन और कल्याण के भाव हम सभी को मिलते रहते हैं। सिंहस्थ-2028 को लेकर मध्यप्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों के साथ हर प्रकार का प्रबंधन किया जा रहा है। प्रत्येक बारह वर्ष बाद आयोजित होने वाले सिंहस्थ में सरकार द्वारा निरंतर विकास कार्यों को पूरा किया जा रहा है। आधारभूत संरचना के कार्य चल रहे हैं, किंतु आध्यात्मिक चेतना का जो महत्व है, उस पर भी सरकार विशेष प्रयास कर रही है ।

      वर्ष 2022 में श्री महाकाल महालोक बनने के बाद धार्मिक पर्यटन के केंद्र उज्जैन में निरंतर श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। गत वर्ष 8 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने तीर्थाटन किया। इस वर्ष यह आँकड़ा 12 करोड़ के पार जाने वाला है, यह अद्भुत है।

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन धर्म की राजधानी तो है ही, काल गणना की नगरी भी है, विज्ञान की धरती है, आध्यात्मिकता और दर्शन की धरती है। वैदिक काल गणना को पुनः प्रतिष्ठित करते हुए आधुनिक दृष्टि से वेधशाला भी विकसित की गई है। तीन सौ वर्ष पूर्व तक विश्व में समय निर्धारण उज्जैन से होता था। उत्तरायण, दक्षिणायन और सूर्य मध्याह्न जैसी गणनाओं के मूल सिद्धांत यहां जीवंत हैं। वर्तमान में आईटी पार्क से लेकर डीप टेक रिसर्च पार्क तक अंतरराष्ट्रीय स्तर के व्यापार-व्यवसाय का केंद्र भी इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के रूप में उभर रहा है। प्रदेश में जो संभावनाएँ बनी हैं, वे संत जनों के आशीर्वाद से ही संभव हुई हैं।

   इस अवसर पर पूज्य स्वामी श्री गोविंददेव गिरि जी महाराज, कोषाध्यक्ष श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट; पूज्यश्री महामंडलेश्वर श्री स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि जी महाराज; पूज्यश्री महामंडलेश्वर श्री स्वामी ललितानंद गिरि जी महाराज, साध्वी प्रज्ञा भारती संतौ देवी जी, तथा श्रद्धेय श्री आई. डी. शास्त्री, महासचिव समन्वय सेवा ट्रस्ट एवं भारतमाता जनहित ट्रस्ट हरिद्वार, कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गेहलोत, राज्य सभा सांसद श्री बालयोगी उमेश नाथ जी महाराज, म.प्र शासन के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, म.प्र हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री ओम जैन, विधायक श्री अनिल जैन कालुहेड़ा, श्री सतीश मालवीय, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रवि सोलंकी, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण  के अध्यक्ष श्री जगदीश अग्रवाल, श्री सत्य नारायण जटिया, श्री संजय अग्रवाल, श्री विवेक जोशी, श्री राजेंद्र भारती, श्री विशाल राजोरिया एवं अन्य जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं स्वस्तिवाचन से किया गया। इसके पश्चात पूज्य संतश्री एवं अतिथिगणों का सम्मान किया गया।  स्वागत उद्बोधन के पश्चात पूज्य संत सत्पुरुषों के आशीर्वचन हुए। स्वामी श्री अवधेशानंद गिरि जी महाराज ने भी कार्यक्रम में आशीर्वचन प्रदान किया। इसके बाद ब्रह्मलीन गुरुदेव श्री स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की पादुका पूजन संपन्न हुई।

कार्यक्रम श्रीमत्परमहंस परिव्राजकाचार्य श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर अनंतश्रीविभूषित पूज्यपाद श्री स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज, पूज्य आचार्यश्री (अध्यक्ष, भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट एवं भारत माता जनहित ट्रस्ट, हरिद्वार) के सान्निध्य में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के आयोजकों श्रीमती कीर्ति-सुरेश मोढ़, शुभम मोढ़, इंदिरा-सुरेश विजयवर्गीय तथा श्रीमती सरला सुराना ने सभी का सम्मान किया। साथ ही श्री तुलसीराम थापक, अध्यक्ष समन्वय परिवार उज्जैन तथा अजय पाण्डेय, अध्यक्ष प्रभु प्रेमी संघ उज्जैन की ओर से भी विशेष सहयोग किया गया। अतिथियों द्वारा पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री अशोक भाटी ने किया।

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