उज्जैन, मध्यप्रदेश, 16 सितम्बर 2026। स्वामी विवेकानन्द जी के ऐतिहासिक शिकागो उद्बोधन की स्मृति में सेवाज्ञ संस्थानम् द्वारा आयोजित राष्ट्रीय उपक्रम ‘युवा धर्म संसद–2026 अवन्तिका’ का आयोजन 17 से 19 सितम्बर 2026 तक उज्जैन स्थित गीता भवन सभागार, माधव विज्ञान महाविद्यालय परिसर में किया जाएगा। इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय आयोजन में देश के 24 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से 1600 से अधिक युवा, विद्यार्थी, शिक्षक तथा विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत प्रतिभागी सम्मिलित होंगे। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को धर्म, भारतीय संस्कृति, ज्ञान-परंपरा, जीवन-दृष्टि, चरित्र निर्माण एवं राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व से जोड़ते हुए उन्हें समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका के लिए प्रेरित करना है।
युवा धर्म संसद–2026 अवन्तिका के संबंध में बुधवार, 16 सितम्बर को प्रेस क्लब, उज्जैन में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस को सिद्धपीठ हनुमत निवास के पूज्य पीठाधीश्वर आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण जी महाराज, सेवाज्ञ संस्थानम् के राष्ट्रीय सचिव माधव कुमार तथा मध्यप्रदेश शासन के युवा आयोग के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने संबोधित किया। इस दौरान वक्ताओं ने तीन दिवसीय आयोजन की रूपरेखा, उद्देश्य, विभिन्न कार्यक्रमों तथा देशभर से आने वाले प्रतिभागियों के संबंध में मीडिया को विस्तृत जानकारी दी।
युवा धर्म संसद का औपचारिक शुभारंभ 18 सितम्बर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक पूज्य डॉ. मोहन भागवत जी द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर वे देशभर से आए युवाओं को संबोधित करेंगे। आयोजन में युवाओं के समक्ष भारतीय संस्कृति, धर्म, ज्ञान-परंपरा और समकालीन जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यापक विमर्श एवं संवाद आयोजित किए जाएंगे। देश के विभिन्न क्षेत्रों से संत-महात्मा, विद्वान, शिक्षाविद, चिंतक, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रतिष्ठित विशेषज्ञ युवाओं के साथ संवाद करेंगे।
युवा धर्म संसद–2026 अवन्तिका का प्रमुख उद्देश्य युवा शक्ति को भारतीय जीवन-दृष्टि, सांस्कृतिक मूल्यों और ज्ञान-परंपरा से जोड़ते हुए उन्हें समाज एवं राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी भूमिका के लिए प्रेरित करना है। आयोजन में धर्म की व्यापक एवं अस्तित्वपरक अवधारणा, चरित्र निर्माण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व, संवाद की संस्कृति, सूचना एवं विचार के संघर्ष, मनुष्य निर्माण में आस्था का महत्व, धर्मस्थलों की भूमिका तथा ऋषि और कृषि संस्कृति के मध्य भारत की आजीविका-दृष्टि जैसे महत्वपूर्ण एवं समकालीन विषयों पर विमर्श किया जाएगा। इसके माध्यम से युवाओं को केवल विचार सुनने का अवसर ही नहीं मिलेगा, बल्कि प्रश्न, संवाद और चिंतन के माध्यम से भारतीय ज्ञान-परंपरा को समझने तथा वर्तमान समय की चुनौतियों के संदर्भ में उसके महत्व पर अपने विचार रखने का अवसर भी प्राप्त होगा।
आयोजन के दौरान भारतीय संस्कृति, कला एवं ज्ञान-परंपरा पर केंद्रित विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इनमें कला दीर्घा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पुस्तक मेला, युवा पंचायत एवं जनजातीय मेला प्रमुख आकर्षण होंगे। देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आए प्रतिभागी युवा इन गतिविधियों के माध्यम से भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को जानने और समझने के साथ ही सामाजिक एवं राष्ट्रीय विषयों पर एक-दूसरे के साथ संवाद करेंगे। युवा पंचायत के माध्यम से युवाओं को समकालीन विषयों पर अपने विचार रखने और सामूहिक विमर्श में सहभागिता का अवसर मिलेगा।
युवा धर्म संसद के विभिन्न सत्रों में देश के अनेक प्रतिष्ठित संत, विद्वान एवं विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। इनमें सिद्धपीठ हनुमत निवास के पूज्य पीठाधीश्वर आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण जी महाराज, स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज (आचार्य महामंडलेश्वर, जूना अखाड़ा), पुण्डरीक जी महाराज, प्रो. श्रीनिवास वरखेडी जी (कुलपति, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय), सुप्रसिद्ध कवि एवं लेखक मनोज मुंतशिर जी, श्री प्रवीण शर्मा जी (अध्यक्ष, युवा आयोग, मध्यप्रदेश शासन), विष्णु प्रकाश त्रिपाठी जी (कार्यकारी संपादक, दैनिक जागरण समूह) तथा प्रो. हिमांशु राय जी (निदेशक, भारतीय प्रबंध संस्थान, इंदौर) सहित अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शामिल होंगे।
19 सितम्बर को युवा धर्म संसद–2026 अवन्तिका का समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। समापन समारोह में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री आदरणीय डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में देशभर से आए युवा विभिन्न विषयों पर संवाद एवं चिंतन के माध्यम से अपने अनुभव साझा करेंगे तथा भारतीय संस्कृति, ज्ञान-परंपरा और सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़े विषयों को वर्तमान समय के संदर्भ में समझने का प्रयास करेंगे।
युवा धर्म संसद की राष्ट्रीय श्रृंखला में इससे पूर्व देश की पांच सप्तपुरियों में आयोजन किए जा चुके हैं। वर्ष 2019 में काशी, 2022 में अयोध्या, 2023 में मथुरा, 2024 में हरिद्वार तथा 2025 में कांचीपुरम में युवा धर्म संसद का आयोजन हुआ। इन पांच आयोजनों में देशभर से लगभग 7100 प्रतिभागियों ने सहभागिता की है। उज्जैन में आयोजित होने वाला युवा धर्म संसद–2026 अवन्तिका, इस राष्ट्रीय श्रृंखला की अगली कड़ी है, जिसके माध्यम से देशभर के युवाओं को एक मंच पर लाकर भारतीय संस्कृति, धर्म, ज्ञान-परंपरा तथा समकालीन जीवन की चुनौतियों पर सार्थक संवाद स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।
उज्जैन की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पृष्ठभूमि को देखते हुए इस आयोजन को विशेष महत्व दिया जा रहा है। भगवान महाकाल की नगरी अवन्तिका प्राचीन काल से ही धर्म, विज्ञान, कला एवं ज्ञान की महत्वपूर्ण भूमि रही है। इसी पावन भूमि से युवाओं को आत्मोत्थान, लोकमंगल, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजन के माध्यम से युवा शक्ति को भारतीय परंपरा से जोड़ते हुए वर्तमान समय की चुनौतियों के प्रति जागरूक एवं उत्तरदायी बनाने पर विशेष बल दिया जाएगा।
सेवाज्ञ संस्थानम् वैदिक मंत्र ‘माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः’ की भावना तथा विश्वबंधुत्व के विचार को आधार बनाकर समाज एवं राष्ट्र के कल्याण के लिए कार्यरत है। संस्था के कार्य के तीन प्रमुख आधार सेवा, समिधा और वसुंधरा हैं। ‘युवा धर्म संसद–2026 अवन्तिका’ इसी व्यापक संकल्प का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपक्रम है, जिसके माध्यम से युवाओं में भारतीय संस्कृति, ज्ञान, मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति चेतना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
युवा धर्म संसद–2026 अवन्तिका के आयोजन में वीर भारत न्यास, युवा आयोग, मध्यप्रदेश शासन, भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद (ICPR) तथा केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय सहित विभिन्न संस्थानों का सहयोग प्राप्त हो रहा है। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि उज्जैन की पावन भूमि पर आयोजित यह राष्ट्रीय युवा समागम देशभर के युवाओं को संवाद, चिंतन, सांस्कृतिक सहभागिता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के लिए एक व्यापक मंच प्रदान करेगा और भारतीय ज्ञान-परंपरा तथा समकालीन जीवन के बीच सार्थक संवाद को आगे बढ़ाएगा।
