आप कितने तरह के बंधन में बंधे हो और इनसे छुटकारा कैसे मिलेगा, इसको जानने के लिए 26, 27 व 28 अगस्त को चित्रकूट में होने जा रहे रक्षाबंधन कार्यक्रम में सपरिवार पधारिए
चित्रकूट म प्र बच्चा मां के पेट में बंध कर, बन्धन में ही पैदा होता है और जीवन भर अनेक प्रकार के बन्धन में बंधे-बंधे आखिर में दम तोड़ देता है। त्रेता के महापुरुष श्री राम व माता जानकी कौन-कौन से बन्धन के कारण चित्रकूट आए थे, माता अनसुइया कौन-कौन से बन्धन में चित्रकूट में रहकर सती बन नाम कमाई और पूजनीय हो गईं। कितनी बार अपने लोगों ने रक्षाबन्धन मनाया लेकिन बन्धन से छुटकारा नहीं मिल पाया। प्रतिवर्ष श्रावण पूर्णिमा का यह त्योहार ना तो भाई की कलाई में रक्षा सूत्र बांधने वाला हाथ बहन की रक्षा कर पा रहा है और ना बहन अपना रक्षा धर्म निभा पा रही है।
सुख-शांति पाने और नर्क-चौरासी से बच कर अपने निज घर पहुँचने का रास्ता मिलेगा
धर्म परायण देश भारत की स्थिति मानव धर्म से अलग ही दिखाई पड़ रही है इसीलिए इस समय पर हर तबका बीमारी, गृह कलह, टेंशन से परेशान है, न्याय और सुरक्षा की नैय्या डूबती नजर आ रही है। ऐसी स्थिति को देखते हुए तपस्वी भूमि चित्रकूट में एक आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
इस कार्यक्रम में वक्त गुरु परम् सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने आने के लिए निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। दुःख हर्ता बाबा जी ने कहा है कि चित्रकूट से एक आवाज लगाई जाएगी जिसको धर्म प्रेमी पहुँचा ले गए तो पूरे देश-दुनिया का नक्शा बदला हुआ दिखाई पड़ जाएगा।
अतः आप लोगों से अनुरोध है कि कार्यक्रम में सपरिवार पधार कर बंदी छोड़ गुरु से आकर सुनिए कि हम कितने तरह के बन्धन में बंधे हैं? इससे छूटेंगे कैसे ? इस दुनिया में जब तक रहें, सुख-शांति से रहें और अंत में नर्क-चौरासी से बचकर अपने निजघर (धाम) पहुंच जायें।
कार्यक्रम का स्थान व समय
26 अगस्त 2026, सायं 6 बजे से प्रार्थना, ध्यान, भजन व सन्देश।
27 अगस्त 2026 प्रातः व सायं 5 बजे से ध्यान, भजन व सतसंग।
28 अगस्त 2026 प्रातः 5 बजे पूजन, सतसंग, रक्षा प्रसाद वितरण।
स्थान- सतना, चित्रकूट रोड, बाबूपुर, चित्रकूट, जिला- सतना, मध्य प्रदेश।
