उज्जैन। सिखों के पाँचवें गुरु श्री गुरु अर्जुन देव साहिब जी के शहीदी दिवस पर गुरुवार को शहर के विभिन्न गुरुद्वारों में श्रद्धा और सेवा भाव के साथ विशेष आयोजन किए गए। गुरुद्वारा सुख सागर फ्रीगंज, श्री गुरु नानक घाट, गुरुद्वारा दशमेश दरबार एवं भेरूगढ़ गुरुद्वारा साहिब में भीषण गर्मी के बीच छबील लगाकर श्रद्धालुओं और राहगीरों को ठंडा मीठा शरबत वितरित किया गया।
गुरुद्वारा सुख सागर के अध्यक्ष चरणजीत सिंह कालरा ने बताया कि स्त्री सत्संग की ओर से प्रतिदिन आयोजित सुखमनी साहिब के पाठ की लड़ियों का समापन भी शहीदी पर्व पर हुआ। वहीं एक माह से संचालित गुरमत सिखलाई कैंप के समापन अवसर पर स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह अरोरा की स्मृति में बच्चों को सम्मानित कर पुरस्कार वितरित किए गए। इस अवसर पर कुलदीप कौर सलूजा, अलका अरोरा, अमृत कौर मुच्छाल एवं एस.एस. नारंग सहित समाजजन उपस्थित रहे।
सिख समाज के प्रवक्ता एस.एस. नारंग ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए असहनीय यातनाएं सहकर सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी वाणी “तेरा कीआ मीठा लागै, हरि नामु पदारथु नानकु माँगै” आज भी श्रद्धालुओं को ईश्वर की इच्छा में समर्पण और धैर्य का संदेश देती है।
महेंद्र सिंह विग ने बताया कि गुरुद्वारा श्री गुरु नानक घाट में भी श्रद्धापूर्वक छबील सेवा का आयोजन किया गया। वहीं भेरूगढ़ गुरुद्वारा साहिब में भी शहीदी दिवस पर संगत ने सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। धार्मिक कार्यक्रमों के समापन के बाद लंगर एवं छबील सेवा का आयोजन किया गया।
