Saturday, March 7, 2026
Homeराज्यअब चुप्पी नहीं, समझदारी जरूरी डर नहीं, सही जानकारी से लेने होंगे...

अब चुप्पी नहीं, समझदारी जरूरी डर नहीं, सही जानकारी से लेने होंगे फैसले

इंदौर, : आजकल किसी भी मुद्दे पर बात जल्दी फैल जाती है, लेकिन हर बात सही हो, यह जरूरी नहीं। सामुदायिक कुत्तों को लेकर भी लम्बे समय से कुछ ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। अधूरी जानकारी और अफवाहों की वजह से लोगों के मन में डर बैठ रहा है, जबकि तथ्य यह है कि नीतियाँ विज्ञान, कानून और मानवीय मूल्यों के आधार पर तय होनी चाहिए। इसी को लेकर 4 जनवरी को सुबह 10 बजे इंदौर स्थित पलासिया चौराहे पर आम नागरिक एकत्र होने जा रहे हैं। यह न कोई धरना है, न प्रदर्शन, बल्कि सही बात कहने की एक सरल कोशिश है।

हाल के दिनों में सामुदायिक कुत्तों को लेकर फैली गलत सूचनाओं और भ्रामक रिपोर्टिंग को बिना पूरी सच्चाई जाने जिस तरह पेश किया गया, उससे भ्रम बढ़ा। बाद में जब असली तथ्य सामने आए, तब तक कई गलत धारणाएँ बन चुकी थीं। ऐसे में आम लोगों को लगा कि चुप रहने से बेहतर है, सही जानकारी के साथ सामने आना।

डॉक्टरों और पशु विशेषज्ञों की राय साफ है। सामुदायिक कुत्तों को पकड़कर शेल्टर में बंद करना या शहर से हटाना कोई स्थायी समाधान नहीं है। इससे रेबीज़ की समस्या भी हल नहीं होती। उल्टा, इससे शहर का संतुलन बिगड़ता है और नई परेशानियाँ खड़ी हो जाती हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि असली समाधान एनिमल बर्थ कंट्रोल और एंटी रेबीज़ वैक्सीनेशन (एबीसी-एआरवी) को सही ढंग से लागू करने में है, जो आज भी कई जगह ठीक से नहीं हो पा रहा।

इसी बात को लेकर इंदौर के पलासिया चौराहे पर लोग शांत तरीके से इकट्ठा होंगे। न कोई नारेबाज़ी होगी, न हंगामा। लोग सिर्फ यह कहना चाहते हैं कि फैसले डर के नहीं, समझदारी के आधार पर हों।

खास बात यह है कि इसी सोच के साथ देश के 30 से ज्यादा शहरों, जैसे- दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, कोलकाता, जयपुर, अहमदाबाद, पुणे, हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम में भी लोग एकजुट हो रहे हैं। यह पहल साफ संदेश देती है कि नागरिक सुरक्षा का रास्ता अफवाह से नहीं, बल्कि सही जानकारी और जिम्मेदार फैसलों से होकर जाता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments