उज्जैन। इस वर्ष जन्माष्टमी पर्व 16 अगस्त शनिवार को श्री कृष्ण मित्र विंदा धाम पर भव्य आयोजन होने जा रहा है। यहाँ दिल्ली के साधो बेंड दवारा मनमोहक प्रस्तुति दी जाएगी । इसके साथ ही महा प्रसादी वितरण भी किया जाएगा ।
श्री कृष्ण मित्र विंदाधाम पर श्री शंकर गुरू, प.पू. श्री गिरीश गुरू जी द्वारा प्रेसवार्ता बताया उज्जैन से भगवान श्री कृष्ण का है गहरा नाता है । शास्त्रों में यहाँ भगवान श्री कृष्ण के तीन अलग अलग सम्बन्ध बताए गए है। श्री कृष्ण की बुआ राजाजी देवी उज्जैन से ही हैए दूसरा श्री कृष्ण की शिक्षा स्थली और गुरु सांदीपनी का भी यहाँ स्थान है और तीसरा गहरा नाता यह है की श्री कृष्ण उज्जैन के जमाई हैए यहाँ की राजकुमारी मित्र विंदा उनकी पांचवी पटरानी है। इस प्रकार उज्जैन श्री कृष्ण का ससुराल भी है। उज्जयिनी के राजा जयसेन कीए पुत्री मित्रविंदा से श्री कृष्ण का विवाह हुआ ।
धर्मनगरी उज्जैन में भैरवगढ़ रोड पर शिप्रा नदी के किनारे भगवान श्री कृष्ण का ससुराल अर्थात मित्रविंदा धाम मंदिर बना हुआ है। यहाँ भगवान कृष्ण और मित्रविंदा की आकर्षक प्रतिमा विद्यमान है।
प्रतिवर्ष यहाँ जन्माष्टमी पर्व पर भव्य आयोजन होते है। इसी कड़ी में इस वर्ष 16 अगस्त शनिवार को जन्माष्टमी पर्व पर सुबह पंचामृत अभिषेक होगा, शाम 5 बजे से मंदिर के पट खुलेंगे और सतत दर्शन होंगे। यहाँ दिल्ली के साधो बेंड द्वारा शाम 7 बजे भजनों की प्रस्तुति शुरू की जाएगी जो की रात्रि तक जारी रहेगी । शाम 7 बजे से ही फलहारी प्रसाद का वितरण होगा । रात्रि 12 बजे महा आरती होगी ।
शाम 7 बजे से प..पू. श्री गिरीश गुरूजी ‘‘बालक’’ और प.पू श्री भविष्य गुरूजी ‘‘बालक सूनु’’ द्वारा भक्तों को प्रसाद स्वरूप अभिमंत्रित मोर पंख वितरित किए जाएंगे।
