नई दिल्ली, । इस साल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की सफलता का खास जश्न मनाया जाएगा। फूलों की सजावट भी इसी ऑपरेशन के आधार पर होगी। आमंत्रण पत्रों पर भी ऑपरेशन सिंदूर का लोगो अंकित होगा। आयोजन स्थल पर पुष्प वर्षा के बाद प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से करीब 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। शाम को पहली बार पूरे भारत में 140 से अधिक प्रमुख स्थानों पर सशस्त्र बलों के बैंड देशभक्ति की धुनों से देश को सराबोर करेंगे।रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह लाल किला पर होगा, जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पहुंचने पर उनका स्वागत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह करेंगे। रक्षा सचिव इसके बाद दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार का परिचय प्रधानमंत्री से कराएंगे। इसके बाद दिल्ली क्षेत्र के जीओसी पीएम को सलामी मंच तक ले जाएंगे, जहां अंतर-सेवा और दिल्ली पुलिस गार्ड की संयुक्त टुकड़ी प्रधानमंत्री को सलामी देगी। इसके बाद प्रधानमंत्री सलामी गारद का निरीक्षण करेंगे। प्रधानमंत्री के लिए गार्ड ऑफ ऑनर दस्ते में 96 जवान शामिल होंगे, जिसमें सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस के 24-24 जवान होंगे।
भारतीय वायु सेना इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह का समन्वय कर रही है। गार्ड ऑफ ऑनर की कमान विंग कमांडर एएस सेखों संभालेंगे। प्रधानमंत्री के गार्ड में सेना दस्ते की कमान मेजर अर्जुन सिंह, नौसेना दस्ते की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर कोमलदीप सिंह और वायु सेना दस्ते की कमान स्क्वाड्रन लीडर राजन अरोड़ा संभालेंगे। दिल्ली पुलिस दस्ते की कमान अतिरिक्त डीसीपी रोहित राजबीर सिंह के हाथ में होगी। सलामी गारद का निरीक्षण करने के बाद प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर की ओर बढ़ेंगे, जहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेनाध्यक्ष एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी और वायु सेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल एपी सिंह उनका स्वागत करेंगे।
