उज्जैन। अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों एवं पदाधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिप्रा नदी के रामघाट पर होने वाली प्रमुख शिप्रा आरती को शासन-प्रशासन द्वारा अधिग्रहित कराए जाने को लेकर नाराजगी व्यक्त की गई। महासभा के पदाधिकारियों ने इसे तीर्थ पुरोहितों और पंडित-पुजारियों के हितों के विपरीत बताते हुए विरोध जारी रखने की बात कही।
पदाधिकारियों ने कहा कि इस संबंध में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा कर समस्या का समाधान कराने की मांग की जाएगी। यदि उनकी मांगों और समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो महासभा द्वारा दिल्ली पहुंचकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई जाएगी।
महासभा ने कहा कि संपूर्ण भारत में राजपुरोहित, पंडित, पुजारी एवं विद्वान सनातन संस्कृति और धर्म के ज्ञान के प्रचार-प्रसार के लिए कार्य करते हैं तथा सभी के हितों को सर्वोपरि रखते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के गृह नगर उज्जैन में शिप्रा नदी के घाट पर पंडित-पुजारियों के साथ हो रहे व्यवहार को लेकर तीर्थ पुरोहितों में रोष है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पदाधिकारियों ने आगे की रणनीति एवं विरोध की रूपरेखा भी साझा की।
