वीर बाल दिवस के अवसर पर सिख समाज द्वारा भव्य शौर्य यात्रा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मनिंदरजीत सिंह बिटा (जिंदा शहीद), अध्यक्ष ऑल इंडिया एंटी टेररिस्ट फ्रंट (पंजाब) ने कहा कि मानवता और धर्म की रक्षा के लिए चार साहिबज़ादों एवं माता गुजरी जी ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
श्री गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष इकबाल सिंह गांधी ने बताया कि 26 दिसंबर, शुक्रवार को प्रातः 10:30 बजे गुरुद्वारा साहिब सुख सागर परिसर में वीर बाल दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मनिंदरजीत सिंह बिटा के साथ अनिल जैन कालूहेड़ा (विधायक), कलावती यादव (सभापति), संजय अग्रवाल, प्रभुलाल जाटवा, चरणजीत सिंह कालरा, सिख समाज के संभागीय प्रवक्ता एस.एस. नारंग, जसवंत सिंह मक्कड़, नीलम कालरा (पार्षद), सतबीर सिंह कालरा (राजा कालरा), चरणजीत सिंह गिल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में निकाली गई शौर्य यात्रा में मनिंदरजीत सिंह बिटा एवं अतिथि वाहन रैली के रूप में शामिल हुए। सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत उनके साथ 10 कमांडो, निजी सुरक्षा गार्ड तथा स्थानीय पुलिस की 8 गाड़ियां तैनात रहीं। शौर्य यात्रा का समापन गुरुद्वारा माता गुजरी बुधवारिया पर हुआ, जहां मनिंदरजीत सिंह बिटा ने माथा टेककर अरदास की, तत्पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।
इसी क्रम में सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय परिसर स्थित “गुरु का बाग” में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कृषि विज्ञान अध्ययनशाला के विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश टेलर ने बताया कि कुलगुरु माननीय डॉ. अर्पण भारद्वाज की पहल पर वीर बालकों एवं माता गुजरी जी की स्मृति को चिरस्थायी बनाने हेतु मनिंदरजीत सिंह बिटा द्वारा पौधारोपण किया गया। उन्होंने बताया कि नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के अवसर पर परिसर में 350 पौधे लगाए गए थे, जिसे “गुरु का बाग” नाम दिया गया है। यहां कृषि विज्ञान के विद्यार्थी पौधों पर अनुसंधान भी कर सकेंगे।
