मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सुपुत्र डॉ. अभिमन्यु यादव भी सामूहिक विवाह में परिणय सूत्र में बंधे
उज्जैन । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर रविवार को उज्जैन में पूण्य सलिला मॉं शिप्रा के तट पर सामूहिक विवाह का अद्भूत आयोजन सम्पन्न हुआ। जहां सनातन संस्कृति के रीती रिवाजों के अनुसार संतो के आशीर्वाद तथा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ 21 जोड़े विवाह के पवित्र बंधन में बंधे। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सुपुत्र डॉ. अभिमन्यु यादव भी डॉ. इशिता पटेल यादव के साथ परिणय सूत्र में बंधे। इस आयोजन में कई संतजनों, महत्वपूर्ण एवं अति महत्वपूर्ण व्यक्तियों ने सम्मिलित होकर वर-वधुओं को अपना आशीर्वाद दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता में जन्म से लेकर जीवन पर्यन्त कई संस्कार होते है। विवाह संस्कार के साथ जन्मों का बंधन होता है। आयोजन में मंच से सभी संतजनों का आशीर्वाद वर-वधुओं को प्राप्त हुआ है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा सबका साथ, सबका विश्वास और सबके विकास की भावना से लोकहित में कार्य किया जा रहा है। समारोह में सभी वर्ग सम्मिलित हुए है, जो सामाजिक समरसता का एक उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में सभी वर-वधुओं के लिए अपनी ओर से सुखद वैवाहिक जीवन की मंगल कामना करते हुए अपना आशीर्वाद प्रदान किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रख्यात योग गुरु बाबा रामदेव, बाघेश्वर धाम पीठाधीश्वर श्री धीरेंद्र शास्त्री, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी ट्रस्ट हरिद्वारा के अध्यक्ष महंत श्री रविंद्र पूरी जी महाराज, जूना अखाड़ा के मुख्य संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री स्वामी श्री हरि गिरी जी महाराज, राज्यपाल श्री मंगू भाई पटेल , कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गेहलोद, केंद्रीय मंत्री श्री दुर्गा दास उईके, केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तौमर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल, उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, केबिनेट मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय , सुश्री उषा ठाकुर, जिला प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, अनुसूचित जाति मंत्री श्री नागरसिंह चौहान, मंत्री श्री विजय शाह, मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, पूर्व मंत्री श्री नरोत्तम मिश्रा, विधायक उज्जैन उत्तर श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, पूर्व विधायक महिदपुर श्री बहादुर सिंह चौहान, महापौर श्री मुकेश ट्टवाल , नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, आदि ने नवयुगलों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि संस्कृति में वैवाहिक संस्कार अत्यंत महत्वपूर्ण
राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल ने अपने उद्भोदन में कहा कि सनातन संस्कृति के 16 संस्कारों में विवाह संस्कार अपना प्रमुख स्थान रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस आयोजन के द्वारा संस्कार को प्रमुखता दी है। सामूहिक विवाह कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विवाह को आडंबरों और फिजूलखर्ची से मुक्त कर उसकी पवित्रता को बनाए रखना है। निश्चित रूप से आज के कार्यक्रम से अन्य लोग भी प्रेरित होगें। राज्यपाल श्री पटेल ने नवयुगलों को शुभकामनाएं दी।
विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इस अवसर पर कहा कि सामूहिक विवाह समारोह हमें यह संदेश देता है की हमें अपनी संस्कृति के अनुसार वर्तमान समय की भी आवश्यकता को भी देखते हुए धन के अपव्यय को रोकने के लिए एक जुट होने की आवश्यकता है । निश्चित रूप से इस प्रकार का आयोजन से सब को प्रेरणा लेनी चाहिए।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री हरीगिरी जी महाराज ने वर-वधुओं को एक-एक लाख रूपये की भेंट अखाड़ा परिषद की ओर से
कार्यक्रम में उपस्थित बाघेश्वर धाम पीठाधीश्वर श्री धीरेंद्र शास्त्री ने नव वर-वधुओं को अपना आशीर्वाद देते हुए एक-एक लाख रूपये की भेंट देने की घोषणा की। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस अभिनव आयोजन की सराहना करते हुए इसे सामाजिक समरसता की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह समारोह, भारतीय समाज की एक ऐसी अनूठी परंपरा है जो न केवल आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों को संबल प्रदान करती है, बल्कि यह दहेज जैसी कुप्रथा को समाप्त करने और विवाह में होने वाले अनावश्यक ख़र्चों (अपव्यय) को रोकने का एक सशक्त माध्यम भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अत्यंत सहजता से सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है।
बाबा रामदेव ने वर-वधुओं को एक-एक लाख रूपये की भेंट
कार्यक्रम में आए हुए प्रख्यात योगगुरु बाबा रामदेव तथा आखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्री हरिगिरी जी महाराज द्वारा भी वर-वधुओं के सुखद जीवन की कामना के साथ आशीर्वाद देते हुए एक-एक लाख रूपये वर-वधुओं केा देने की घोषण की गई। कार्यक्रम का संचालन करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि सनातन संस्कृति में प्रचलित सामूहिक विवाह आयोजनों की परंपरा आज भी प्रासंगिक है जो आधुनिक समाज में सामाजिक समानता का संदेश दे रही है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्री हरिगिरीजी महाराज ने नवयुगालें केा आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद जीवन की कामना की।
कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने भी अपने उद्भोदन में आयोजन की सराहना करते हुए वर-वधुओं को आशीर्वाद दिया उनके सुखद जीवन की कामना की।
सामूहिक विवाह आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहपरिवार उपस्थित थें। मुख्यमंत्री ने समारोह के पूर्व वर-निकासी में सम्मिलित होकर वर-वधु के परिवारों को अपनी ओर से बधाई दी। सामूहिक विवाह आयोजन ‘ऐरी सखी मंगल गाओं री’ जैसे मधुर गीतों की गुंज के साथ उल्लासमय था। योगगुरु बाबा रामदेव के पवित्र वैदिक मंत्रोंच्चार के साथ वर-वधुओं द्वारा एक दुसरे को वर माला पहनाकर जीवन भर साथ निभाने का संकल्प लिया गया। वर-वधुओं के परिजनों के साथ ही उपस्थित समस्त गणमान्यजन भी हर्षित थे।
सामूहिक विवाह आयोजन के दौरान वैवाहिक बंधन में बंधी कन्याओं को कन्यादान उपहार की सम्पूर्ण सामग्री मुख्यमंत्री डॉ. यादव के परिवार की ओर से प्रदान की जाकर, समाजिक समरसता का संदेश दिया गया। सामूहिक विवाह आयोजन के माध्यम वैवाहिक बंधन में बंधे वर-वधुओं में सामान्य, पिछड़ा वर्ग से लेकर अनुसूचित जाति जनजाति के वर-वधु भी सामिल थे। कार्यक्रम का संचालन बाबा रामदेव ने किया और आभार प्रदर्शन प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने किया ।
