उज्जैन। दीवाली -ईद की खुशियाँ सब मिलकर मनाएंगे, मिठाई तुम खिलाओगे सिवइयां हम खिलाएंगे, मशहूर शायर डॉ. रफीक नागौरी ने संस्था सरल काव्यांजलि के दीपावली मिलन समारोह में उक्त पंक्तियाँ सुनाकर माहौल को गंगा-जमुनी तहजीब प्रदान की। जानकारी देते हुए संस्था के प्रदीप सरल ने बताया कि मंछामन कालोनी स्थित आर.जे. पटेल के निवास पर आयोजित इस गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए डॉ. रश्मि मोयदे ने रामलला का दर्शन पाएं, मिलकर सब अयोध्या जाएं सुनाई। संचालन करते हुए गोपाल कृष्ण निगम ने -रक्त बनता नहीं मशीनों से, वक्त ठहरता नहीं कसीदों से कविता पढ़ी।
प्रारम्भ में संस्था के नियमानुसार आर.जे. पटेल द्वारा राष्ट्र कवि श्रीकृष्ण सरलजी की कविता अपना देश संवारे हम का वाचन किया गया, स्वागत भाषण सन्तोष सुपेकर ने दिया। इस माह के जन्म दिवस वाले सदस्यों का स्वागत हुआ। इस अवसर पर संस्था के अन्य कवियों- सुगनचंद जैन ने मंगल कामना सबको मेरी, मंगलमय हो दीवाली, डॉ. नेत्रा रावणकर ने झुककर उठाती हूँ मैं, फूल इस पारिजात के, तब होता है महसूस, प्यारे कान्हा के चरणों झुकी हूँ मैं। डॉ. पुष्पा चौरसिया ने पल में तोला पल में माशा, मौसम करता बड़ा तमाशा, मानसिंह शरद ने व्यवस्था पर कटाक्ष करती कविता, डॉ. प्रभाकर शर्मा ने धरोहर कविता, तरुण उपाध्याय ने चलता, फिरता यंत्र काम है मेरा मोबाइल नाम है मेरा, वी.एस.गहलोत साकित ने हर एक सहारा खो जाए बस गम का सहारा काफी है, तन्हाई में दिल बहलाने को ये दर्द बेचारा काफी है, आशीष अश्क ने सुख साधन बढ़ते गए, घटता गया प्रमोद सुनाई। आशागंगा शिरढोणकर, अमित जैन और धनसिंह चौहान ने भी शानदार कविता का पाठ किया।
अतिथि स्वागत संस्था अध्यक्ष डॉ. संजय नागर, एम.जी. मोयदे, आनंदीलाल जोशी, रोहित पटेल, शैलेष पाठक, पीयूष पटेल, ओमप्रकाश कुमायू, पी.के. जड़िया, बाबूलाल शर्मा, बी.एल. नामदेव ने किया और अंत में आभार आर.जे. पटेल ने माना।
