उज्जैन : कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ज्ञान पंचमी या सौभाग्य पंचमी के नाम से जाना जाता है। यह पर्व दीपावली के पांचवें दिन मनाया जाता है और विशेष रूप से जैन और हिंदू धर्मावलंबियों के लिए अत्यंत पवित्र माना गया है। इस दिन ज्ञान, शिक्षा, विवेक और बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती जी की उपासना की जाती है। इसी क्रम में नागेश्वर पार्श्वनाथ जैन मन्दिर अरविंद नगर पर संघ द्वारा ज्ञान की पूजा कराई गई। वामा देवी महिला मंडल की अध्यक्षा अनीता कोठारी ने बताया कि ज्ञान पंचमी का पर्व, ज्ञान आराधना का पर्व है। ज्ञान पंचमी को श्रुत पंचमी या लाभ पंचमी भी कहते हैं। ज्ञान सभी के लिए अमूल्य है। यह ऐसी निधि है जो बांटने पर विस्तार को पाती है, जीवन के पथ को सदैव प्रकाशित करती है।ज्ञान की महिमा को समझना और उसके प्रति खुद को सजग बनाना ही ज्ञान पंचमी है। ज्ञान पंचमी के दिन प्रभु महावीर के दर्शन को पहली बार लिखित ग्रंथ के रूप में सामने लाया गया था।
