उज्जैन, । मध्य प्रदेश के उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी में 97 करोड़ का निवेश होने के बाद उज्जैन शहर खाद्य प्रसंस्करण में नई पहचान बना रहा है। अब यहां से यूरोप के देशों में चना, मूंग,मटर से बना प्रोटीन निर्यात होगा। जैविक खेती से पूरे क्षेत्र का विकास होने से किसानों को फसल की सही कीमत मिलेगी।
यह जानकारी शुक्रवार को म.प्र. औद्योगिक विकास निगम के कार्यकारी निदेशक राजेश राठौड़ ने दी। उन्होने बताया कि देश की अग्रणी खाद्य प्रसंस्करण कंपनी रेलसस इंडिया ने विक्रम उद्योगपुरी में उत्पादन शुरू कर दिया है। कंपनी ने यहां 97 करोड़ का निवेश किया है और 180 लोगों को सीधा रोजगार देगी। साथ ही सैकड़ों किसानों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। इनकी यूनिट में चना, मूंग, मटर जैसी फसलों से प्रोटीन और स्टार्च बनाया जा रहा है। ये चीजें यूरोपीय देशों में निर्यात होंगाी। इससे क्षेत्र और प्रदेश के किसानों को उनकी फसलों का अच्छी कीमत मिलेगी।जैविक खेती की संभावनाएं बढ़ी
राठोड़ ने बताया कि रेलसस इंडिया सर्वोच्च मानक के प्रोटीन बनाती है, जिनकी उच्च गुणवत्ता और स्वास्थ्य लाभ के कारण यूरोप और इंग्लैंड में इनकी काफी मांग है। ये प्रोटीन पशु-आधारित प्रोटीन के मुकाबले कहीं ज्यादा स्वास्थवर्धक और पर्यावरण के लिए बेहतर माना जाता है। इसके उत्पादन के लिए जो फसलें ली जाती हैं, वे कीटनाशकों और रसायनिक खाद से मुक्त पूरी तरह जैविक खेती पर आधारित होती हैं। भारत में जैविक खेती की अपार संभावनाएं हैं। अगर किसान जैविक खेती अपनाएं, तो उनकी फसलों की मांग तेजी से बढ़ेगी।
