उज्जैन: महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आईं 80 वर्षीय रामवती देवी (पति स्वर्गीय मनोहर लाल गुप्ता) अपने परिवार से बिछड़ गईं। नई दिल्ली की निवासी रामवती देवी को मंदिर के पास अकेला और परेशान देखकर एक ई-रिक्शा चालक ने मानवता का परिचय दिया।
ई-रिक्शा चालक उन्हें अपने ऑटो में बिठाकर सीधे महाकाल थाने ले गया और पुलिस को पूरी जानकारी दी। चूंकि महिला को अपने परिवार के किसी भी सदस्य का मोबाइल नंबर याद नहीं था, इसलिए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस ने सोशल मीडिया, मंदिर पुलिस चौकी और मंदिर नियंत्रण कक्ष के माध्यम से रामवती देवी के बिछड़ने की सूचना प्रसारित की। इसके साथ ही, महाकाल मंदिर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में भी उनके परिजनों की तलाश शुरू की गई।
कुछ ही देर में पुलिस ने उनके पुत्र विजय गुप्ता से संपर्क किया। पुलिस ने विजय गुप्ता को थाने बुलाया और रामवती देवी को उनके परिवार से मिलवा दिया।
अपने परिवार से मिलकर रामवती देवी और उनके पुत्र विजय गुप्ता ने पुलिस और उस ई-रिक्शा चालक का तहे दिल से धन्यवाद किया। विजय गुप्ता ने उज्जैन पुलिस और वहां के नागरिकों की संवेदनशीलता और मदद के जज्बे की जमकर प्रशंसा की।
