सिख समाज के जत्थेदार सुरेंद्र सिंह अरोरा की स्मृति में गुरुद्वारा सुखसागर उज्जैन में अखंड पाठ की समाप्ति हुई हुई l ज्ञानी नेहल सिंह, ज्ञानी अजीत सिंह निमाना एवं गुरुद्वारा श्री गुरु नानक घाट के मुख्य ग्रंथी सुरजीत सिंह द्वारा शब्द कीर्तन एवं पाठ किया गया l
उपस्थित साध संगत की आंखों में आंसू आ गए जब उनकी पुत्रीयो प्रीती छाबड़ा ,जसलीन छाबड़ा (इटली) स्वाती सरीन (USA) ने आंखों में आंसू लिए शब्द कीर्तन किया l
इस अवसर पर उन्हें पिलकेंद्र अरोड़ा, सुरजीत सिंह टूटेजा, एवं मैडम तिवारी द्वारा श्रद्धांजलि भी दी गई l
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ केंद्रीय श्री गुरु सिंघ सभा के अध्यक्ष हरपाल सिंह जी भाटिया (मोनू भाटिया) सुरजीत सिंह टुटेजा एवं सुरजीत सिंह खालसा इंदौर उपस्थित थे l
सिख समाज के संभागीय प्रवक्ता एस एस नारंग ने बताया कि सरदार सुरेंद्र सिंह अरोड़ा का 20 मई को मुंबई के लीलावती अस्पताल में दुखद निधन हो गया था l वे मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ केंद्रीय श्री गुरु सिंघ सभा के महासचिव भी थे उनके प्रयासों से उज्जैन में एक विशाल गुरुद्वारा ,श्री गुरु नानक घाट का निर्माण हुआ l 1974-75 में हुए माधव कॉलेज छात्र संघ के अध्यक्ष भी रहे l वह एक वरिष्ठ समाजसेवी एवं एक कुशल प्रभावी वक्ता के रूप में भी लोकप्रिय थे l कार्यक्रम का संचालन चरणजीत सिंह कालरा ने किया l
