Saturday, March 7, 2026
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तेजी से पिघल रहा शिवलिंग, कई तीर्थयात्री नहीं कर सकेंगे बाबा के दर्शन

अमरनाथ यात्रा में शुक्रवार शाम तक 1.45 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री गुफा मंदिर के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा के लिए 4 लाख से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है, लेकिन घाटी में जून का महीना 50 साल में सबसे गर्म रहा, जिसकी वजह से तेजी से पिघल रहे ​शिवलिंग के दर्शन के लिए ​यात्रियों में होड़ मची हुई है। आने वाले हफ्तों में पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट होने से टूर ऑपरेटरों और होटल मालिकों की चिंता बढ़ गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक टूर ऑपरेटरों ने बताया कि इस साल यात्रा शुरू होने के चार दिन बाद 7 जुलाई तक शिवलिंग काफी पिघल चुका था। घाटी में बीते शनिवार को दिन का तापमान सात दशक में सबसे ज्यादा गर्म दर्ज किया था। श्रीनगर में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री था जो 1953 के बाद सबसे ज्यादा था। आधिकारिक तौर पर 38 दिनों की अमरनाथ यात्रा 9 अगस्त को समाप्त होने वाली है। बता दें 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले और सरकार द्वारा अमरनाथ यात्रा के सभी मार्गों को ‘नो फ्लाई जोन’ घोषित करने से अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने हेलीकॉप्टर सेवाएं बंद कर दी है। इससे पहले से ही 2024 की तुलना में कम पंजीकरण हुआ है। पिछले साल 5.10 लाख से ज्यादा तीर्थयात्रियों ने हिम ​शिवलिंग के दर्शन किए थे। इस साल तीर्थयात्री अनंतनाग जिले में पहलगाम और गांदरबल जिले में बालटाल के दो मार्गों से पैदल, टट्टुओं या पालकी से मंदिर तक पहुंच रहे हैं। एक टूर ऑपरेटर ने बताया कि उनकी कुल बुकिंग का करीब 60 फीसदी हेलीकॉप्टर यात्रा के लिए था लेकिन हवाई सेवा बंद होने के बाद सभी बुकिंग रद्द हो गईं। अब हमारे पास केवल 20 बुकिंग हैं। उन्होंने कहा कि हमें लोगों को यात्रा पर आने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए अपने टूर पैकेज की कीमत 6 से 7 फीसदी तक घटा दिया था लेकिन हेलीकॉप्टर सेवाओं का बंद होना एक बड़ा झटका था। श्राइन यात्रा के प्रबंध निदेशक ने कहा कि हमारे पास टट्टू से जाने के लिए कोई यात्री नहीं था क्योंकि इसके लिए अलग पंजीकरण की जरुरत होती है। पैदल, टट्टू या पालकी पर यात्रियों को ले जाने टूर ऑपरेटरों की बुकिंग भी घटी है क्योंकि ​​​शिवलिंग करीब-करीब पिघल चुका है। 2018 में शिवलिंग बनने के 29 दिन बाद 27 जुलाई तक पिघल गया था जबकि 2020 में इसका दो-तिहाई हिस्सा 38 दिनों में पिघल गया और 2022 में यह केवल 28 दिनों तक ही रहा। 2023 में, तापमान सामान्य से कम होने के कारण शिवलिंग 47 दिनों तक बना रहा 2024 में यह सिर्फ एक सप्ताह में ही पिघल गया लेकिन इससे तीर्थयात्रियों को गुफा मंदिर में जाने से नहीं रोका जा सका। अमरनाथ यात्रा के लिए किराये पर टट्टू उपलब्ध कराने वाली पोनीपालकी के प्रबंधक ने कहा कि इस साल हम 200 लोगों को टट्टुओं से यात्रा पर ले गए हैं लेकिन पिछले साल की तुलना में इनकी संख्या घटी है। कंपनी के पास करीब 40 टट्टू हैं और पीक सीजन के दौरान ये 150 टट्टुओं की सेवाएं लेते थे। उन्होंने कहा कि इस सीजन में इसकी जरुरत नहीं पड़ी। यहां तक कि आसपास के गांवों के टट्टूवाले भी इस साल नहीं आए। टट्टुओं के अलावा कंपनी ने 120 तीर्थयात्रियों को पालकी में और करीब 850 को पैदल यात्रा कराई। उन्होंने कहा कि यह तीर्थयात्रा आधिकारिक तारीख से थोड़ा पहले समाप्त होने के लिए जानी जाती है और इस साल भी, हमें उम्मीद है कि यह 9 अगस्त की आधिकारिक तारीख से पहले खत्म हो जाएगी।

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