Saturday, March 7, 2026
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भारत की जीडीपी अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में लंबे समय तक अच्छा प्रदर्शन करेगी : कैलाश कुलकर्णी

नई दिल्ली, । भारत की अर्थव्यवस्था का आधार मजबूत है और लंबे समय तक अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अच्छा प्रदर्शन करेगी। यह बयान एचएसबीसी म्यूचुअल फंड के सीईओ कैलाश कुलकर्णी की ओर से मंगलवार को दिया गया।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से एक्सक्लूसिव बातचीत करते हुए कैलाश कुलकर्णी ने कहा, हमारा मानना है कि लंबी अवधि में भारत की अर्थव्यवस्था काफी अच्छा प्रदर्शन करेगी। मौजूदा समय में भी भारत लगातार अन्य अर्थव्यवस्थाओं से अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और यह ट्रेड लंबे समय तक जारी रहेगा।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार की ओर से कई सारी चीजों विशेषकर मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटाइजेशन को समर्थन दिया जा रहा है, जिससे देश की विकास दर को बढ़ने में मदद मिल रही है।

एचएसबीसी म्यूचुअल फंड के सीईओ ने आगे कहा, देश में प्रति व्यक्ति आय तेजी से ऊपर जा रही है। वहीं, सरकार द्वारा इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया जा रहा है। इस कारण आने वाले वर्षों में कंज्यूमर, फाइनेंशियल, कैपिटल गुड्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर तेज वृद्धि दिखा सकते हैं।

म्यूचुअल फंड एसआईपी के ऑल-टाइम हाई होने पर कुलकर्णी ने कहा, आठ से दस साल पहले एसआईपी लोगों को बेचनी पड़ती थी, लेकिन अब समय बदल गया है लोग एसआईपी (सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान) के जरिए स्वयं निवेश करना चाहते हैं।

उन्होंने आगे कहा, लोग समझ गए हैं कि अगर लंबी अवधि के नजरिए से छोटी राशि से अनुशासन के साथ निवेश किया जाए, तो वह आगे बढ़ सकते हैं।

कुलकर्णी के अनुसार, एसआईपी का ट्रेंड आने वाले समय में और बढ़ेगा, क्योंकि टियर 3 और टियर 4 शहरों में एसआईपी की ग्रोथ रेट टियर 1 और 2 शहरों की अपेक्षा काफी अधिक है।

एम्फी के डेटा के मुताबिक,एसआईपी इनफ्लो मई में 26,688 करोड़ रुपए पर था, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

वैश्विक अस्थिरता के लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कुलकर्णी ने कहा, यह पहली बार नहीं है जब हमने अस्थिरता देखी है। हमारे पास पहले भी भू-राजनीतिक मुद्दे रहे हैं। 2008 में हमें वैश्विक वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा था। उससे पहले, 2000 में आईटी संकट आया था। इस सभी संकटों के दौरान भी बाजार में तनाव देखा गया।

आगे कहा, लेकिन जो व्यक्ति इस पूरी अस्थिरता के दौर में बाजार में टिका रहा और निवेशित रहा है, उसे वास्तव में बाजार से लाभ हुआ है। कुछ समय पहले हमने एक नोट निकाला था जिसमें दुनिया में हुई पिछली पांच-छह घटनाओं को शामिल किया था और बताया था कि फिर तीन साल बाद बाजार कैसा था और आम तौर पर अगर कोई व्यक्ति निवेशित रहा या इस अशांत समय के दौरान एसआईपी के माध्यम से निवेश करना जारी रखा, तो उसे वास्तव में उस व्यक्ति की तुलना में कहीं अधिक लाभ होता, जिसने अस्थिरता के समय पैसे निकाल लिए थे।

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