उज्जैन मध्य प्रदेश जब से लोग सन्त और उनके मार्गदर्शी उपदेशों से दूर हो गए तब से उनका खान-पान, चाल-चलन खराब हो गया और वे भगवान को भूल गए। जिसके कारण देश और दुनिया में लड़ाई-झगड़ा, हिंसा-हत्या बहुत बढ़ती जा रही है। आगे आने वाला समय और भी खराब दिखाई दे रहा है। सभी अपने जीवन में सुख और शांति का उपाय चाह रहे हैं परन्तु सच्चे सन्त सतगुरु के नहीं मिलने से शान्ति नहीं मिल पा रही है। यह मनुष्य शरीर किराये के मकान की तरह से है, उम्र खत्म होने के बाद इसको खाली करना पड़ेगा। उस समय सारा धन-दौलत, पुत्र-परिवार यहीं छूट जायेगा और मनुष्य शरीर से जो बुरा कर्म जीव करेगा उसके अनुसार बहुत समय के लिए नर्क, चौरासी में डाल दिया जायेगा। मनुष्य शरीर रूपी मन्दिर भगवान को पाने के लिए मिला है, इसी में उसका दर्शन होता है, उसकी आवाज सुनाई पड़ती है। जिसका तरीका तो पूज्य बाबा जी बतायेगें ही, साथ ही किस तरह रहन-सहन, खान-पान सुधार करके बीमारी, लड़ाई-झगड़ा तथा कुदरती कहर से बचा जा सकता है यह भी बतायेगें। सतसंगी जिज्ञासुओं के लिए ऊपरी मण्डलों का भेद व राज भी खोला जायेगा।
जो आएगा वह पाएगा, चूक जाएगा तो पछतायेगा
विख्यात परम् सन्त बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के निज धाम जाने की तिथि पर वार्षिक भण्डारा, वक्त के सन्त सतगुरु बाबा उमाकान्त जी महाराज अपने उज्जैन आश्रम (म. प्र.) में मनाने जा रहे हैं। विदित है कि यह वही वक्त के समरथ सतगुरु बाबा उमाकान्त जी महाराज हैं, जिनके दर्शन करने, उनके बताए हुए रास्ते पर चलने से दुःख, तकलीफों में आराम और सुख-शांति मिलने लगती है। अतः आप सभी जाति-मजहब के मानने वालों से गुजारिश है कि इस गैर राजनीतिक कार्यक्रम में आकर भौतिक व आध्यात्मिक सतसंग सुनिए, दर्शन करिये जीवन रक्षक भण्डारा का प्रसाद लीजिये। श्रद्धा, भाव-भक्ति अनुसार एक मुराद भी पूरी कर लीजिये। जो आएगा वह पाएगा, चूक जाएगा तो पछतायेगा।
कार्यक्रम का स्थान व समय
दिनांक – 13, 14 और 15 मई 2026 समय – प्रातः 4:30 बजे व सायं 05:00 बजे, पूजन – 14 मई 2026 रात्रि में। कार्यक्रम स्थल – बाबा जयगुरुदेव आश्रम, जयगुरुदेव नगर, मक्सी रोड उज्जैन (म. प्र.) भारत
