उज्जैन। इस बार नवरात्रि में शहर एक ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। 28 सितंबर 2025, रविवार को सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक शहर के 121 स्थानों पर एक साथ 25 हजार कन्याओं का पूजन किया जाएगा। यह आयोजन लोकमान्य तिलक गणेश उत्सव महाआयोजन समिति के तत्वावधान में होगा।
आयोजन के लिए 5 हजार वॉलंटियर, 30 विधायक, 10 सांसद और 5 मंत्री सहित शहर की अनेक संस्थाओं के पदाधिकारी जुटे हुए हैं। समिति के संयोजक एवं महोत्सव के सूत्रधार विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने बताया कि 13 वर्ष से कम आयु की कन्याओं का रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से 30 जुलाई तक किया गया। अब उन्हें प्रवेशिका और आमंत्रण पत्र भी वितरित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान कन्या पूजन के महत्व पर मुख्य वक्ता विशेष संबोधन देंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति के प्रति सम्मान और सनातन संस्कृति का ज्ञान युवा पीढ़ी तक पहुंचाना है।
हिंदू धर्म में कन्या पूजन को पवित्र अनुष्ठान माना गया है। नवरात्रि में होने वाला यह पूजन देवी दुर्गा के नौ रूपों की प्रतीक कन्याओं की आराधना के रूप में किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि कन्याओं में सृजन की शक्ति और माँ दुर्गा की दिव्य ऊर्जा का वास होता है।
लोकमान्य तिलक महाआयोजन समिति इससे पहले भी कई धार्मिक आयोजनों में कीर्तिमान बना चुकी है। संस्था ने 5000 से अधिक मिट्टी के गणेश प्रतिमाओं का एक साथ निर्माण कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इसी क्रम में अब यह कन्या पूजन महोत्सव भी धार्मिक क्षेत्र में एक नया इतिहास रचेगा।
