Saturday, March 7, 2026
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जबलपुर : 14 करोड़ का सोना लूटने वालों की तलाश में जुटी 15 थानों की पुलिस, आईजी एसपी मौके पर

जबलपुर, । मप्र के जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील में पहली बाद दिन-दहाड़े डकैती की इतनी बड़ी घटना हुई जहाँ लुटेरे 14 करोड़ का सोना एवं 5 लाख नगद लेकर सरेआम फरार हो गए। लुटेरों की तलाश के लिए पुलिस ने नाके बंदी सहित आसपास के जिलों को भी सतर्क कर दिया। आज लूट के दूसरे दिन भी लुटेरों का कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस को केवल एक संदिग्ध व्यक्ति का फोटो मिला है।

15 थानों की पुलिस और क्राइम ब्रांच जुटी तलाश में

हालांकि लुटेरों की तलाश के लिए 15 थानों की पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें लगी हैं। जाँच के दौरान 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा चुके हैं, लेकिन लुटेरे अभी तक पकड़ से बाहर हैं। सभी लुटेरे ब्लैक हेलमेट पहने हुए थे, जिससे पहचान मुश्किल हो रही है। पुलिस अब सिहोरा और जबलपुर की उन दुकानों से भी पूछताछ कर रही है जहां से हाल ही में एक साथ 5 हेलमेट खरीदे गए हों। आलम यह है कि आईजी एवं एसपी स्वयं मौके पर मौजूद हैं चप्पे चप्पे की तलाशी हो रही है सारे संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है आज आईजी प्रमोद वर्मा ने डीआईजी अतुल सिंह,एसपी संपत उपाध्याय के साथ बैंक का निरीक्षण किया। आईजी सिहोरा से लेकर मंझोली तक गए।

आखिर कहां गायब हो गए डकैत

इस दौरान पुलिस ने अब तक 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले हैं। खबर है कि लुटेरों की आखिरी लोकेशन सिहोरा से 19 किमी दूर मंझोली तक मिली है। आगे तीन रोड आती हैं। एक रोड बचैया, दूसरी गुबरा होते हुए दमोह और तीसरी रोड कटंगी तरफ जाती है। ऐसे में अब पुलिस की टीम तीनों रोड पर भी लुटेरों को सर्च कर रही है। डकैतों के बैंक से निकलने के ठीक 35 मिनिट बाद पूरे शहर सहित जिला प्रवेश सीमा में नाकाबंदी शुरु कर दी गई थी। डकैतों के निकलने के करीब 15 मिनट में बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। फिर डकैत कहां गुम हो गए। 35 मिनिट के फांसले के अंदर आखिर डकैत कहां तक भाग सकते हैं। डकैतों के भागने की दिशा मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने लगभग तय कर ली है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि डकैत नेशनल हाईवे से संभवत: कटनी की ओर भागे हैं। पुलिस अधिकारियों ने कटनी एवं दमोह पुलिस से भी संपर्क साधा है।

बैंक की कार्य प्रणाली पर सवाल

हालांकि इस घटना के बाद बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। जहां अन्य बैंक सुबह 10.30 बजे खुलते हैं। वहीं इसाफ बैंक सुबह 7 बजे ही खुल जाता है। इतनी बड़ी संपत्ति होने के बावजूद बैंक ने न तो कोई सुरक्षा गार्ड रखा और न ही बैंक की सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय किए। उल्लेखनीय है कि सिहोरा के मझौली क्षेत्र में विगत दिवस सुबह 8.57 बजेए तीन बाइकों पर सवार पांच लुटेरे ब्लैक हेलमेट पहनकर इसाफ बैंक में दाखिल हुए। बैंक के कर्मचारी पहले तो उन्हें आम लोग समझते रहे और काम में लगे रहेए तभी एक बदमाश ने मैनेजर अंकित सोनी को धमकाया। इसके बाद लुटेरों ने मैनेजर से लॉकर की चाबी मांगी। लॉकर दो चाबियों से खुलता है, एक अंकित के पास थी, जो उसने दे दी। कुछ देर बाद बैंक अधिकारी रीना पटेल अपनी कुर्सी पर आकर बैठ गईं, उन्हें पहले यह नहीं समझ आया कि बैंक में लूट चल रही है। लुटेरों ने उनसे भी लॉकर की चाबी छीन ली और फिर लॉकर खोलकर जेवरात निकालने लगे। 18 मिनट की इस लूट के दौरान लुटेरों ने न सिर्फ गोल्ड बल्कि कैश लूटा, इसके बाद सभी बैंककर्मियों को अलग-अलग बाथरूम में बंद कर मोटर साइकलों से भाग निकले।

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