उज्जैन, । धार्मिक नगरी उज्जैन एक ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बनने जा रही है। यहां पहली बार जैन मुनि द्वारा “200 अवधान” का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन आत्मा की अनंत शक्ति और माइंड पावर की अनुभूति कराने वाला होगा, जिसमें ध्यान की अद्भुत विधि के माध्यम से शरीर और चेतना की श्रेष्ठता को अनुभव कराया जाएगा।

इस पावन अवसर पर जैनाचार्य पू.आ.श्री अशोक सागर सूरिश्वर म.सा. के सान्निध्य में यह कार्यक्रम संपन्न होगा। कार्यक्रम के आयोजक शतावधानकर्ता पू.आ. सागरचंद्रसागर सूरीश्वर म.सा. के शिष्य डॉ. विज्ञान मुनि वैराग्यचंद्रसागरजी म. हैं।
कार्यक्रम 10 अगस्त 2025, रविवार को सुबह 8:30 बजे से आयोजित किया जाएगा। आयोजन स्थल है – मौनी बाबा आश्रम गंगा घाट मंगलनाथ रोड़ पर आयोजित होगा।
युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा
मनी मोबाईल-मस्ती के पीछे पागल हुई युवा पीढ़ी के लिए माइंड पावर-मोटिवेशन पावर और ध्यान शक्ति के प्रभाव को दिखानेवाला यह प्रयोग एक मिरेकल से कम नहीं है। यह प्रयोग युवा-विद्यार्थियों के लिए पावरफुल प्रेरणा और ज्वलंत आदर्शरूप रहेगा।
मुनि वैराग्यचंद्रसागर की पृष्ठभूमि
मुनि वैराग्यचंद्रसागर मारवाड़ अगियार गाम विशा पोरवाल जैन समाज के काछोली (राज.) के कुलदीपक हैं। दीक्षा के पूर्व अमदावाद – साबरमती में सन् 1998 में 12वीं कक्षा में गुजरात बोर्ड में दूसरे स्थान पर उत्तीर्ण हुए, लेकिन दीक्षित भाई म. तीर्थचन्द्र सा. म. के पास वेकेशन में गये हुए थे, रिझल्ट लेने के लिए भी घर नहीं आये और पू. सागरचंद्रसागरसूरिजी के चरणों में जीवन समर्पण कर आज से 26 वर्ष पूर्व 1999 में दीक्षा का स्वीकार किया।
