उज्जैन। श्री वर्धमान स्थानक संघ नमक मंडी मे पू.मालवज्योति गुरुणी मैच्या पू. श्री वल्लभकुंवरजी म.सा. की प्रथम सुशिष्या धर्म की पावन ध्वजा को थामे, तप और त्याग की अजस्र गाथा लिखने वाली मालवा की महान साध्वी, उपप्रवर्तिनी पूज्य श्री कीर्तिसुधाजी म.सा. की प्रेरणा से स्वर्गीय शांतिलाल श्रीमाल की पुत्रवधु एवं सुनील श्रीमाल की धर्मपत्नी शिखा श्रीमाल के गर्म जल के आधार पर कठोर, उग्र और दीर्घ उपवास की तपस्या चल रही है तथा आगे बढ़ने के भाव है। शिखा श्रीमाल दृढ संकल्पित होकर 30 उपवास की ओर अग्रसर है। जिससे उज्जैन में ही नहीं, आसपास के जैन समाज में हर्ष छाया हुआ है।
