उज्जैन, । मध्य प्रदेश के उज्जैन में महामंडलेश्वर को झूठे दुष्कर्म के प्रकरण में फंसाने के आरोप को लेकर मंगलवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज ने मीडिया से बातचीत में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं दूसरी और महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद गिरी ने मीडिया के समक्ष दावा किया कि यह शाजिस सनातन को बदना करने की थी। इधर पुलिस ने भी अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि वह जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेगी।
गौरतलब है कि महाकाल थाना पुलिस ने महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद गिरी को झूठे दुष्कर्म के प्रकरण में फंसाने के प्रयास की शिकायत के आधार पर गढक़ालिका क्षेत्र निवासी साध्वी मंदाकिनी पुरी,इंदौर निवासी घनश्याम पटेल और अन्य खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 49, 61(2), 232(1), 351(3), 296(बी) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया था। थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई होइस मामले में अखाडा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज ने आरोप लगाया कि उज्जैन में यह पहली बार नहीं हुआ है। दो वर्ष पूर्व भी ऐसा मामला आया था। हमारे शांति स्वरूपानंद गिरी कथाकार है, उन्हे कैसे फंसाया जाए कैसे पैसा लिया जाए। उन्होने आरोप लगाया कि एक महिला के माध्यम से संत पर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगवाया जा रहा है। जब पुलिस के पास शिकायत पहुंंची तो महिला ने सब सच बता दिया। प्रश्न किया कि अब आप ही बताएं-आने वाले सिंहस्थ महाकुंभ में हम साधु-संत कैसे शामिल होंगे। संत यहां आएंगे,कोई भी व्यक्ति उन्हे ब्लैकमेल करेंगा। पुलिस के पास आरोपियों के वीडियो भी है। उनका विश्लेष्ण कर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद गिरी ने आरोप लगाया कि महाकाल की नगरी में सिंहस्थ-2028 के पहले संतों को निशाना बनाया जा रहा है। कुछ लोग हमारे आश्रम को हडंपना चाहते है। उसी के तहत यह षडय़ंत्र चल रहे है। मैं घबरा गया हुं, हम तो साधु-संत है,भजन-किर्तन करते है। हम न लडऩे-झगडऩे के लिए निकले थे और न ही संपत्ति बनाने के लिऐ। आज कल एक ट्रेंड चल गया है संतों के चरित्र पर लांछन लगाने का। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
यह था मामलापुलिस के अनुसार रविवार को दत्त अखाड़ा परिसर में महंत आनंदपुरी महाराज ने कुछ संदिग्ध लोगों को पकड़ा और पुलिस को सूचना दी थी। जिसके बाद पुलिस ने वाराणसी निवासी एक महिला को पकड़ा था। पुलिस के अनुसार महिला ने बयान दिए थे कि गढक़ालिका क्षेत्र निवासी साध्वी मंदाकिनी पुरी और घनश्याम पटेल ने उसे 50 हजार रु. देकर चारधाम मंदिर के महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद गिरी के खिलाफ दुष्कर्म का झूठा प्रकरण दर्ज करवाने को कहा था। इसके बाद महिला इनके साथ दत्त अखाड़ा पहुंची थी।
