वेब सीरीज विवाद : एकता कपूर के खिलाफ बलपूर्वक कार्रवाई पर मप्र उच्च न्यायालय की फौरी रोक

इंदौर,  ओटीटी प्लेटफॉर्म ऑल्ट बालाजी पर प्रसारित वेब सीरीज “ट्रिपल एक्स” के सीजन-2 को लेकर दर्ज प्राथमिकी के मामले में मशहूर निर्माता एकता कपूर को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय से अंतरिम राहत मिल गयी है। कपूर इस मामले में वेब सीरीज के प्रसारण के जरिये अश्लीलता फैलाने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और राष्ट्रीय प्रतीक चिन्हों के अपमान के आरोपों में घिरीं हैं।

उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ के न्यायमूर्ति शैलेंद्र शुक्ला ने कपूर की याचिका पर बृहस्पतिवार को सभी संबंधित पक्षों की दलीलें सुनीं। एकल पीठ ने इसके बाद शहर की अन्नपूर्णा पुलिस को आदेश दिया है कि वह ऑल्ट बालाजी की 45 वर्षीय संस्थापक के खिलाफ मुकदमे की अगली तारीख तक कोई भी बलपूर्वक कार्रवाई न करे।

अदालत ने कपूर की याचिका पर अगली सुनवाई के लिये 26 अगस्त की तारीख तय की है।

एकल पीठ ने अन्नपूर्णा पुलिस और कपूर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता के वकीलों को संबंधित वेब सीरीज की विवादित विषयवस्तु को दो प्रतियों में कॉम्पेक्ट डिस्क में पेश करने का आदेश भी दिया है। इनमें से एक प्रति अदालत के अवलोकन के लिये और दूसरी प्रति याचिकाकर्ता यानी कपूर के लिये मांगी गयी है।

कपूर के वकील आनंद सोनी ने शनिवार को बताया कि उनकी मुवक्किल ने अपने खिलाफ अन्नपूर्णा पुलिस की पांच जून को दर्ज प्राथमिकी में लगाये गये आरोपों को गलत बताते हुए उच्च न्यायालय से गुहार की है कि इस मामले को रद्द किया जाये।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह प्राथमिकी दो स्थानीय बाशिंदों-वाल्मीक सकरगाये और नीरज याग्निक की शिकायत पर भारतीय दंड विधान की धारा 294 (अश्लीलता) और 298 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम एवं भारत के राजकीय प्रतीक (अनुचित प्रयोग का निषेध) अधिनियम के प्रावधानों के तहत दर्ज की गयी थी।

उन्होंने बताया कि शिकायत में आरोप लगाया गया कि कपूर के स्थापित ओटीटी प्लेटफॉर्म ऑल्ट बालाजी पर प्रसारित वेब सीरीज “ट्रिपल एक्स” के सीजन-2 के जरिये समाज में अश्लीलता फैलायी गयी और एक समुदाय विशेष की धार्मिक भावनाएं आहत की गयीं।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया कि इस वेब सीरीज के एक दृश्य में भारतीय सेना की वर्दी को बेहद आपत्तिजनक तौर पर पेश करते हुए राष्ट्रीय प्रतीक चिन्हों का अपमान किया गया है।