स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने अब स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से भी ज्यादा पहुंचने लगे पर्यटक : मोदी

नई दिल्ली,  । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने के लिए अब स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से भी ज्यादा पर्यटक पहुंचने लगे हैं। महान स्वतंत्रता सेनानी लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के समीप केवड़िया के लिए देश के विभिन्न भागों से आठ स्पेशल ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि इस रेल कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा लाभ स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने आने वाले पर्यटकों को तो मिलेगा ही, इससे केवड़िया के आदिवासियों का जीवन भी बदलेगा क्योंकि इससे सुविधा के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

केवड़िया को देश के कोने-कोने से रेलमार्ग को जोड़ने के अवसर पर प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, यह कनेक्टिविटी केवड़िया के आदिवासी भाई-बहनों के जीवन को भी बदलने जा रही है। यह कनेक्टिविटी सुविधा के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी लेकर आएगी। यह रेल लाइन मां नर्मदा के तट पर बसे करनाली, पोइचा और गरुड़ेश्वर जैसे आस्था से जुड़े महत्वपूर्ण स्थानों को भी कनेक्ट करेगी।

मोदी ने कहा कि आज केवड़िया गुजरात के सुदूर इलाके में बसा एक छोटा सा ब्लॉक नहीं रह गया बल्कि यह विश्व के सबसे बड़े पर्यटक स्थल के रूप में आज उभर रहा है। उन्होंने कहा, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने के लिए अब स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी से भी ज्यादा लोग पहुंचेने लगे हैं। लोकार्पण के बाद करीब 50 लाख लोग स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने आ चुके हैं। कोरोना में महीनों तक सब कुछ बंद रहने के बाद अब एक बार फिर केवड़िया में आने वाले पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। एक सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि जैसे-जैसे कनेक्टिविटी बढ़ रही है, भविष्य में हर रोज एक लाख तक लोग केवड़िया में आने लगेंगे।

प्रधानमंत्री ने देश की राजधानी दिल्ली, आर्थिक राजधानी मुंबई और धार्मिक नगरी वाराणसी समेत देश के कोने-कोने से हरी झंडी दिखाकर आठ स्पेशल ट्रेनों को केवड़िया के लिए रवाना किया। इस प्रकार गुजरात में सरदार सरोवर बांध के समीप स्थित केवड़िया गांव देशभर से रेलमार्ग से जुड़ गया है। इसी गांव के पास ही महान स्वतंत्रता सेनानी लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी है।

केवड़िया के लिए ये ट्रेनें वाराणसी, दादर, अहमदाबाद, हजरत निजामुद्दीन, रीवा, चेन्नई और प्रतापनगर से रवाना हुई हैं।