समस्या कृषि उत्पादन की नहीं, कटाई बाद प्रबंधन की है : मोदी

नयी दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘कृषि अवसंरचना कोष’ के तहत एक लाख करोड़ रुपये की वित्तपोषण सुविधा का उद्घाटन किया। यह कोष फसलों की ‘कटाई के बाद फसल प्रबंधन अवसंरचना’ और ‘सामुदायिक कृषि परिसंपत्तियों’ के सृजन को बढावा देने के लिए शुरू किया जा रहा है।

मोदी ने किसानों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि देश में आज समस्या कृषि उत्पादन को लेकर नहीं, बल्कि कटाई के बाद होने वाले नुकसान को लेकर है।

उन्होंने कहा कि इस कोष से इस समस्या को हल करने में मदद मिलेगी।

यह कोष कोष ‘कटाई बाद फसल प्रबंधन अवसंरचना’ और ‘सामुदायिक कृषि परिसंपत्तियों’ जैसे कि शीत भंडार गृह, संग्रह केंद्रों, प्रसंस्करण इकाइयों आदि बनाने में मददगार होगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक महीने पहले ‘क इत्‍यादि के सृजन को उत्प्रेरित करेगा।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक लाख करोड़ रुपये के ‘कृषि अवसंरचना कोष’ के तहत वित्तपोषण सुविधा के लिए केंद्रीय क्षेत्र योजना को मंजूरी दी है।

मोदी ने कहा कि कृषि से संबंधित हालिया दो अध्यादेशों से किसानों को मंडी के बाहर अपनी उपज बेचने के लिए नए बाजार अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही प्रधानमंत्री ने किसान रेल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसान रेल की वजह से अब किसानों को अपनी उपज को औने-पौने दाम पर बेचने के लिए मजबूर नहीं होनी पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार कृषि उत्पादक संगठनों (एफपीओ) का नेटवर्क बना रही है। इसके तहत 350 कृषि स्टार्टअप का वित्तपोषण किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से पहले और लॉकडाउन के दौरान किसानों ने काफी मेहनत की है। यही वजह है कि आज देश में खाद्य सामग्री की पर्याप्त आपूर्ति सुगमता से हो रही है। उन्होंने किसानों से कहा कि वे इस महामारी के दौरान मास्क पहनें और सामाजिक दूरी का पालन करें।