शायर मुनव्वर राना की बेटी ने लगाया नजरबंद करने का आरोप,पुलिस ने किया इनकार

लखनऊ,  मशहूर शायर मुनव्वर राना की बेटी एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुमैया राना ने उन्हें ‘नजरबंद’ किए जाने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस ने सुमैया को नजरबंद किए जाने के आरोपों को गलत करार दिया है।

सुमैया की अगुवाई में प्रदेश में कोविड-19 महामारी से निपटने के सरकारी प्रबंधों की नाकामी के खिलाफ मुख्यमंत्री आवास के पास स्थित कालिदास मार्ग चौराहे पर प्रदर्शन होना था।

सुमैया ने बुधवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कैसरबाग स्थित उनके घर के बाहर सोमवार रात से पुलिस का कड़ा पहरा बैठाकर उन्हें घर में नजरबंद कर रखा गया है। धरना प्रदर्शन की योजना अपनी जगह है लेकिन उनकी अपनी व्यक्तिगत जिंदगी भी है। उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। यह उनके व्यक्तिगत अधिकारों का हनन है।

उन्होंने बताया कि मंगलवार को लाल कुआं क्षेत्र स्थित उनके पिता मुनव्वर राना के घर के बाहर भी पुलिस तैनात की गई थी।

सुमैया ने बताया कि पुलिस ने उन्हें नजरबंदी के सिलसिले में कोई आदेश या नोटिस नहीं दिखाया है। हालांकि मंगलवार को उन्हें पुलिस का एक नोटिस मिला है जिसमें कहा गया है कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर किसी भी तरह के धरना प्रदर्शन पर पाबंदी लगाई गई है।

सुमैया ने बताया कि नोटिस में यह भी कहा गया है कि उच्च न्यायालय ने अपने एक आदेश में हजरतगंज तथा गौतम पल्ली इलाके में धरना प्रदर्शन को प्रतिबंधित कर दिया है।

उन्होंने कहा कि उनकी अगुवाई में मंगलवार को प्रदेश में कोविड-19 महामारी से निपटने के सरकारी प्रबंधों की नाकामी के खिलाफ मुख्यमंत्री आवास के पास स्थित कालिदास मार्ग चौराहे पर प्रदर्शन होना था।

उन्होंने कहा,‘‘शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना हमारा संवैधानिक अधिकार है जिसे सरकार छीनने की कोशिश कर रही है।’’ सुमैया ने कहा कि बेहतर इंतजाम के सरकार के तमाम दावों के बावजूद राज्य में कोविड-19 महामारी से निपटने की व्यवस्थाएं चरमरा चुकी हैं। सरकार की नाकामियों के खिलाफ आवाज उठाना जनता का हक है।

इस बीच, पुलिस ने सुमैया के खिलाफ कोई भी कार्रवाई किए जाने से इनकार किया है कैसरबाग के थानाध्यक्ष दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने सुमैया को नजरबंद नहीं किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि सुमैया के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई है।