खेल मंत्रालय ने भारतीय तीरंदाजी संघ की मान्यता बहाल की

नई दिल्ली,  । खेल एवं युवा मामलों के मंत्रालय ने करीब आठ साल बाद भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) की मान्यता बुधवार को एक बार फिर से बहाल कर दी।

राष्ट्रीय खेल विकास संहिता के अनुरूप चुनाव नहीं कराने के कारण सात दिसंबर 2012 को उसकी मान्यता रद्द की गई थी। इसके बाद विश्व तीरंदाजी ने अगस्त 2019 में उसे निलंबित कर दिया था।

खेल मंत्रालय ने 25 नंबवर को भारतीय तीरंदाजी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्जुन मुंडा और इसके महासचिव प्रमोद चंदूरकर को लिखे एक पत्र में कहा कि मंत्रालय ने 18 जनवरी 2020 को हुए चुनाव को स्वीकार करने का फैसला किया है।

संघ की मान्यता बहाल होने के बाद भारतीय तीरंदाजी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्जुन मुंडा ने इस पर खुशी जाहिर की है।

मुंडा प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि अब भारत पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान बनाएगी। उन्होंने साथ ही कहा कि तीरंदाजों के लिए एक नए उत्साह का संचार होगा और यह मान्यता सच्चाई की जीत भी है।

तमाम अड़चनों के बावजूद माननीय सर्वोच्च न्यायालय और दिल्ली उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों के अनुसार भारतीय तीरंदाजी संघ का चुनाव संपन्न हुआ और उसके बाद विश्व तीरंदाजी संघ ने मान्यता बहाल कर दी।

भारतीय तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष ने कहा कि अब टोक्यो ओलंपिक के लिए भारतीय टीम की चयन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि भारतीय तीरंदाजी के लिए एक नए अध्याय की शुरूआत हुई है।

विश्व तीरंदाजी अगले साल 23 जनवरी को एएआई पर से निलंबन हटाएगा।