कोरोना टीकाकरण की शुरुआत करते हुए शिवराज बोले, मोदी हैं तो मुमकिन है

भोपाल,  । देश में कोरोना के खात्मे की बड़ी लड़ाई की शनिवार को शुरुआत हुई और टीकाकरण का सिलसिला शुरू हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल तरीके से देशवासियों को संबांधित किया। वहीं कोरोना वैक्सीन के आने पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मोदी हैं तो मुमकिन है।

मुख्यमंत्री चौहान टीकाकरण की शुरुआत के समय स्वयं राजधानी के हमीदिया अस्पताल में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि, कोरोना से बचाव के लिए स्वेदेशी वैक्सीन का निर्माण और उसका प्रयोग गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी नेतृत्व का ही यह परिणाम है कि आज से देशवासियों को इस मेड इन इंडिया वैक्सीन का लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है। सच ही कहा गया है कि मोदी हैं तो मुमकिन है।

मुख्यमंत्री चौहान ने मध्यप्रदेश में वैक्सीनेशन प्रोग्राम की विस्तार पूर्वक जानकारी दी और कहा, प्रधानमंत्री मोदी मैन आफ आइडियाज हैं। उन्होंने समय रहते संकट को पहचाना था। कोरोना के नियंत्रण के लिए देश में उनके द्वारा किए गए प्रयास ऐतिहासिक हैं। कोरोना से बचाव के लिए स्वदेशी वैक्सीन के निर्माण और आज से अभियान के रूप में देशव्यापी स्तर पर वैक्सीन लगाने का कार्य शुरू हुआ है। इसके लिए निश्चित ही हमारे वैज्ञानिक विशेष धन्यवाद के पात्र हैं, जिन्होंने दिन-रात एक कर वैक्सीन के निर्माण का कार्य किया। वैज्ञानिक वर्ग को प्रणाम करता हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, आज उन बलिदानियों का स्मरण स्वाभाविक है जिन्होंने कोरोना से प्रभावितों का तब इलाज किया जब संक्रमित व्यक्ति के नाम से ही सभी घबराते थे। अनेक चिकित्सक उपचार सेवाएं देते-देते अपना जीवन त्याग कर दुनिया से चले गये। उन सभी को नमन करते हुए वैक्सिनेशन प्रारंभ किया जा रहा है।

टीकाकरण के लिए तय किए गए प्राथमिकता निर्धारण का जिक्र करते हुए चौहान ने कहा, प्रथम चरण में कोरोना वॉरियर्स को टीका लगाया जाएगा, जिसमें मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ भी शामिल हैं। इसमें सरकारी और निजी अस्पतालों के सेवाभावी चिकित्सक भी टीका लगवाएंगे। अगले क्रम में अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को टीका लगेगा, जिनमें राजस्व कर्मी, पुलिसकर्मी, नगरीय निकायों के कर्मचारी आदि शामिल हैं। इसके पश्चात 50 वर्ष से ज्यादा आयु के ऐसे लोग जिन्हें एक या उससे अधिक रोग हैं, उन्हें टीके का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा, टीका लगाने के बाद छोटी मोटी स्वास्थ्य समस्या उत्पन्न हो सकती है जिसका प्रबंध किया गया है। यह टीका सुरक्षित है। पहला टीका लगने के 28 दिन बाद दोबारा टीका लगेगा। इसके पश्चात 14 दिन में एंटीबॉडी विकसित होगी। टीका लगने के 30 मिनट पश्चात तक आब्जर्वेशन किया जाएगा कि टीका लगवाने वाले व्यक्ति को कोई ए ई एफ आई लक्षण तो नहीं हैं। ऐसा होने पर प्रबंधन की व्यवस्था की गई है।

राज्य में पहला टीका मुख्यमंत्री द्वारा न लगवाए जाने पर कई लोग सवाल उठा चुके हैं। इसका जवाब देते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कुछ लोगों का यह कहना कि मुख्यमंत्री बाद में टीका लगवाएंगे, उन्हें सोचना चाहिए कि प्रत्येक विषय पर आलोचना उचित नहीं है। यह राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। सभी को एक होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रोटोकॉल के तहत ही अपना नंबर आने पर ही वे टीका लगाएंगे। उसी प्रोटोकॉल के तहत तृतीय चरण में वैक्सीन लगवाएंगे, क्योंकि जिन्होंने जनता की जिंदगी बचाने का कार्य किया उन्हें प्राथमिकता से टीका लगना चाहिए। यही न्याय संगत भी है। प्राथमिकता जो देश ने तय की है उसका पालन होना चाहिए। कुछ लोग इस संबंध में भ्रम फैला रहे हैं, इससे अहित होगा।