रावण दहन इस बार प्रतीकात्मक रूप से मनाया जाएगा

उज्जैन। दशहरा मैदान पर स्व. लाल अमरनाथ जी की स्मृति में होने वाले शहर वाले शहर के प्राचीनतम दशहरा उत्सव का यह शानदान 57 वां वर्ष है और पुण्य सलिला मॉ क्षिप्रा के पावन तट पर स्थित कार्तिक मेला प्रांगण में स्व. प्रेमनारायण यादव जी की स्मृति को समर्पित विजयादशमी महोत्सव का यह 35वां वर्ष हैं मगस इस बार शहर के ये दोनो दशहरा महोत्सव, केवल प्रतीकात्मक रूप से मनाये जायेंगे।

दशहरा महोत्सव समिति के अध्यक्ष ओम अमरनाथ खत्री और विजयादशमी महोत्सव समिति के सचिव चेतन यादव ने संयुक्त रूप बताया कि कोरोना महामारी के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है कि आयोजन स्थल पर इस बार रावण रहन केवल प्रतीकात्मक रूप से किया जायेगा और सुरक्षा दृष्टि से शहर के नागरिकों को आयोजन स्थल पर आने की मनाही रहेगी। इन प्रतीकात्मक रावण दहन का सीधा/लाइव प्रसारण किया जायेगा जिससे, शहरवासी दशहरा महोत्सव का आनंद घर बैठे ले सकेंगे और सुरिक्षत भी रहेंगे। श्री ओम अमरनाथ खत्री और चेतन यादव ने शहरवासियों से सहयोग करने की अपील की है जिससे महामारी के दौर में त्यौहार का आनंद भी ले सकें और परिवाहजन सुरक्षित भी रहे। दशहरा महोत्सव समिति के समन्वयक डॉ प्रकाश रघुवंशी ने बताया कि महामारी के कारण इस बार आतिशबाजी भी प्रतीकात्मक स्वरूप में होगी तथा भगवान राम लक्ष्मण की सवार भी नहीं निकाली जायेगी। इस अवसर पर दशहरा महोत्सव समिति के सदस्य मनीष शर्मा, पं. अनांदशंकर व्यास जी, शिवा ओमप्रकाश खत्री, सुरेंद्र एस.अरोरा, कुतुब फातेमी, कैशाल विजयवर्गीय, राबिन चौपडा, विशाल हाडा, डॉ हरीशकुमार सिंह आदि उपस्थित थे।