प्रधानमंत्री मोदी का करिश्मा अधिकांश राज्यों में बरकरार, 44.55 प्रतिशत समर्थन : सर्वे

नई दिल्ली, 16 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करिश्मा पूरे देश के अधिकांश राज्यों में बरकरार है, जिसमें 44.55 प्रतिशत लोग उनका समर्थन कर रहे हैं। ओडिशा, गोवा और तेलंगाना इस चार्ट में शीर्ष पर हैं।

आईएएनएस सी-वोटर स्टेट ऑफ द नेशन 2021 सर्वे में यह खुलासा हुआ है।

यह सर्वेक्षण देश भर के 30,000 से अधिक उत्तरदाताओं के बीच किया गया था, जिसमें सभी 543 लोकसभा क्षेत्र शामिल हैं।

सर्वेक्षण में दावा किया गया है कि मोदी का करिश्मा अभी भी कई राज्यों में बरकरार है, जिसमें ओडिशा के लोग उनका सबसे अधिक समर्थन कर रहे हैं, इसके बाद गोवा और तेलंगाना हैं।

इसमें खुलासा हुआ कि ओडिशा में 78.05 प्रतिशत लोग मोदी के काम से बहुत संतुष्ट हैं, जबकि 14.03 प्रतिशत लोग कुछ हद तक प्रधानमंत्री के प्रदर्शन से संतुष्ट हैं, और 7.73 प्रतिशत लोग बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं। राज्य में मोदी को विशुद्ध रूप से 84.35 प्रतिशत समर्थन मिला।

इसी तरह, गोवा और तेलंगाना में भी मोदी का आकर्षण क्रमश: 80.35 प्रतिशत और 72.03 प्रतिशत के विशुद्ध समर्थन के साथ बरकरार है। उत्तराखंड में मोदी को 45.77 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला।

हालांकि, पंजाब में लोग प्रधानमंत्री के काम से कम से कम संतुष्ट हैं। सर्वेक्षण में कहा गया है कि पंजाब में 20.75 प्रतिशत लोग मोदी से बहुत संतुष्ट हैं, जबकि 14.7 कुछ हद तक संतुष्ट हैं और 63.28 प्रतिशत लोग बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं। पंजाब में मोदी को विशुद्ध रूप से 27.83 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला।

तमिलनाडु में, मोदी की विशुद्ध स्वीकृति केवल 3.1 प्रतिशत है जिसमें केवल 12.59 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे प्रधानमंत्री के प्रदर्शन से संतुष्ट हैं।

केंद्र शासित प्रदेशों में, प्रधानमंत्री को विशुद्ध रूप से 31.99 प्रतिशत का समर्थन मिला।

भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में, मोदी को 23.48 प्रतिशत समर्थन मिला है, 45.56 प्रतिशत ने कहा कि कहा कि वे उनसे बहुत संतुष्ट हैं, जबकि 15.89 कुछ हद तक संतुष्ट हैं और 37.97 प्रतिशत लोग बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं।

केरल में, मोदी को विशुद्ध रूप से 21.84 प्रतिशत लोगों का समर्थन हासिल है, जिसमें 33.2 प्रतिशत ने कहा कि वे प्रधानमंत्री के प्रदर्शन से बहुत संतुष्ट हैं और 27.72 प्रतिशत ने कहा कि वे कुछ हद तक संतुष्ट हैं। केरल में 39.05 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे प्रधानमंत्री द्वारा किए गए कार्यों से संतुष्ट नहीं हैं।