भोपाल में सोमवार से धार्मिक स्थल फिर से खोलने की इजाजत

भोपाल,   भोपाल प्रशासन ने जिले में कोविड-19 निरुद्ध क्षेत्र से बाहर धार्मिक स्थलों को करीब ढ़ाई महीने के बाद सोमवार से फिर से खोलने की अनुमति दे दी है।

इस संबंध में शनिवार को आदेश जारी करते हुए जिला प्रशासन ने कहा है कि 15 जून से जिले में निषिद्ध क्षेत्रों को छोड़कर समस्त क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति रहेगी।

इसमें कहा गया है कि धार्मिक स्थलों में आमजन के लिए मूर्ति, धार्मिक ग्रंथ को स्पर्श करने की अनुमति नहीं रहेगी तथा प्रसाद, चरणामृत आदि का वितरण वर्जित रहेगा। फूल, नारियल, अगरबत्ती, चादर, चुनरी आदि चढ़ाने एवं घंटे बजाने की अनुमति नहीं होगी।

इसके अलावा, धार्मिक स्थलों पर अधिक भीड़ या बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने और सामूहिक प्रार्थना करने, गुरुवाणी गाने की अनुमति नहीं रहेगी। किसी भी प्रकार के समारोह का आयोजन करना प्रतिबंधित रहेगा।

आदेश के अनुसार नमाज के लिए घर से वजू करके आना होगा। अभिवादन के लिए एक दूसरे को स्पर्श नहीं करना और हर व्यक्ति को एक दूसरे के बीच छह फुट की दूरी के नियम का पालन करना होगा।

भोपाल में अब तक 2,145 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये हैं, जिनमें से 69 लोगों की मौत हो चुकी है।

इससे पहले मध्यप्रदेश के कई जिलों में कोविड-19 निरुद्ध क्षेत्रों से बाहर स्थित मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और गिरजाघर करीब ढाई महीने के बाद जून आठ से श्रद्धालुओं के लिये खोल दिये गये हैं। लेकिन भोपाल जिले में धार्मिक स्थल खोलने के बारे में तब निर्णय नहीं लिया गया था।

मध्यप्रदेश के प्राचीन शहर उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर को 11 सप्ताह के बाद आठ जून से भक्तों के लिए फिर से खोला गया है।