मध्य प्रदेश में भाजपा के चेहरे को बदलने का एक साल

भोपाल,  । मध्य प्रदेश में बीता एक साल भाजपा के लिए बदलाव का साल रहा। प्रदेशाध्यक्ष की कमान संभलने के बाद सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने पार्टी का चेहरा बदलने का अभियान चलाया जो निरंतर जारी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तो शर्मा को प्रदेश की भाजपा के लिए शुभांकर बताते हैं।

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष की शर्मा ने जब जवाबदारी संभाली थी, तब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी, मगर महज एक माह बाद ही भाजपा को सत्ता मिल गई थी। इतना ही नहीं राज्य में हुए 28 विधानसभा क्षेत्र के उप-चुनाव में भाजपा ने 19 स्थानों पर जीत हासिल की। वहीं काफी मशक्कत के बाद प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया गया, मगर उसमें नए चेहरों की भरमार है तो परिवारवाद की छाया से भी दूर रखा गया है।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष शर्मा अपने एक साल के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहते हैं, विगत एक साल का आकलन संगठन के नाते किया जाये तो भाजपा मध्यप्रदेश के कार्यकर्ताओं के श्रेष्ठ योगदान का साल रहा है। कार्यकर्ताओं ने जो किया वह अनुपम है। कोरोना काल में सेवा व सहयोग की अथक गतिविधि, राजनीतिक चुनौतीपूर्ण व अन्य प्रकार के 28 विधानसभा सीटों के उपचुनाव में नेतृत्व के निर्णय को जमीन पर जस का तस उतारना, सरकार के साथ जुड़कर योजनाओं क्रियान्वयन में सहभागिता, सामूहिकता एवं पारस्परिकता की अनुपम परम्परा और संगठन के उपलब्धिकारक वर्तमान से उज्‍जवल भविष्य को गढ़ने का उपक्रम है।

शर्मा ने कोरोना काल में कार्यकर्ताओं द्वारा सामाजिक सरोकार के किए गए काम की चर्चा करते हुए कहा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के आह्वान पर कार्यकर्ताओं ने सेवा की भावना से सहयोग करने की तमाम गतिविधियां संचालित कीं। भोजन पैकेट व सूखा राशन मास्क-सेनेटाइजर का वितरण, सामुदायिक रसोईघर, प्रवासी मजदूरों को भोजन, दूध, दवा, चप्पल से लेकर परिवहन तक की उपलब्धता करना, यह एक राजनीतिक दल के नाते सामाजिक सरोकारों में अपनी सेवा की भूमिका निभाना, स्वतंत्र भारत की अद्भुत राजनीतिक गतिविधि है।

भाजपा की कार्यशैली का जिक्र करते हुए शर्मा ने कहा दरअसल भाजपा के कार्यकर्ता की यही मूल वृत्ति है। संकट के समय संघर्ष के नारे नहीं, बल्कि शांत भाव से सेवा में जुट जाने का यह उदाहरण आजादी के बाद कई बार स्वयंसेवक या जनसंघ व भाजपा के कार्यकर्ता के तौर पर समाज ने देखा है।

राज्य में भाजपा एक तरफ जहां कार्यकर्ता को दक्ष बनाने के लिए प्रशिक्षण दे रही है, तो दूसरी ओर पदाधिकारियों से लेकर विधायकों तक को उनकी जिम्मेदारी का भान कराने के प्रयास में जुटी है।

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष के तौर पर विष्णुदत्त शर्मा के लिए पहला साल सफलता का साल रहा, मगर आने वाले समय में उनके लिए चुनौतियां कम नहीं रहने वाली हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वे पार्टी का स्वरुप बदलने के साथ आगामी तीन दशक के लिए पार्टी को तैयार करने में लगे हैं। आगामी समय में नगरीय निकाय के चुनाव हैं, तो निगम मंडलों में नियुक्तियां होने वाली हैं। सत्ता और संगठन में बेहतर समन्वय रहे यह भी आने वाले समय की बड़ी चुनौती रहेगी।