मप्र को भारत माला परियोजना में मिलेंगे 50 हजार करोड़ : गडकरी

भोपाल,  । मध्य प्रदेश को भारत माला परियोजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए इस वर्ष दिसंबर तक 50 हजार करोड़ रुपए प्रदान करने की कार्य-योजना है। यह बात केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कही है।

गडकरी रविवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल आए। इस दौरान उन्होंने राज्य में चल रही बड़ी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण एवं उन्नयन तथा अन्य सड़कों के निर्माण के कार्यों में आवश्यक स्वीकृतियां शीघ्र प्रदान कर परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा कराने का आश्वासन दिया।

उन्होंने बताया कि भारत माला परियोजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए इस वर्ष दिसंबर तक म.प्र. को 50 हजार करोड़ रुपए प्रदान करने की कार्य-योजना है। साथ ही वन विभाग की स्वीकृतियां तथा भू-अर्जन की कार्रवाई पूरा करने के लिये कहा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्री गडकरी को बताया कि अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना में राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश के 309 किलोमीटर हिस्से के लिये आवश्यक 1,523 हेक्टेयर शासकीय भूमि एन.एच.ए.आई. के स्वामित्व में निशुल्क आवंटित कर दी गयी है। वन भूमि को लेकर व्यय का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। भू-अर्जन और अदला-बदली के माध्यम से एन.एच.ए.आई. को निशुल्क भूमि उपलब्ध कराने के तैयारियां कर ली गई है। बहुत कम समय में ही एन.एच.ए.आई. ने अटल प्रोग्रेस-वे की डीपीआर बनाने के लिये एजेन्सी का चयन कर लिया है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि राज्य शासन द्वारा केंद्रीय सड़क निधि योजना अंतर्गत सम्पूर्ण प्रदेश की अति महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण को चिन्हित कर 1858 करोड़ रुपए के 26 प्रस्ताव सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजे गये हैं। इन प्रस्तावों को संसद सदस्यगण और क्षेत्रीय जन-प्रतिनिधियों से व्यापक विचार-विमर्श कर तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा पुरातत्व की ²ष्टि से महत्वपूर्ण स्थल खजुराहो को आईकोनिक साईट के रूप में विकसित किया जा रहा है। 10.15 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग बमीठा से खजुराहो का चार लेन में उन्नयन करने से विश्व धरोहर के रूप में विख्यात इस पर्यटन स्थल तक पर्यटकों का आवागमन सुविधाजनक हो सकेगा। इस कार्य के लिये 71 करोड़ रुपए का राज्य सरकार का प्रस्ताव स्वीकृति के लिये केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में विचाराधीन है। इसकी स्वीकृति प्रदान की जाए।