कोविड-19: भारत में एक दिन में सर्वाधिक 9,996 मामले, 357 लोगों की मौत

नयी दिल्ली,   देश में कोविड-19 के एक दिन में सर्वाधिक 9,996 मामले सामने आए तथा 357 लोगों की मौत हुई। इसके साथ बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक संक्रमण के कुल 2,86,579 मामले हो गए तथा कुल 8,102 संक्रमितों की मौत हो चुकी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के डेटा से यह जानकारी मिली।

इसके मुताबिक लगातार दूसरे दिन ऐसा हुआ है जब स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या इलाज करवा रहे मरीजों की संख्या से अधिक है।

डेटा के मुताबिक देश में संक्रमण के कुल मामलों में 1,37,448 संक्रमितों का इलाज चल रहा है जबकि 1,41,028 लोग उपचार के बाद ठीक हो चुके हैं तथा एक मरीज देश से बाहर चला गया।

एक अधिकारी ने बताया, ‘‘इस तरह, अब तक 49.21 फीसदी मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।’’

कुल संक्रमितों में विदेशी मरीज भी शामिल हैं।

संक्रमण के कारण बृहस्पतिवार सुबह तक 357 लोगों की मौत हुई है जिनमें 149 महाराष्ट्र में, 79 दिल्ली में, 34 गुजरात में, 20 उत्तर प्रदेश में, 19 तमिलनाडु में, 17 पश्चिम बंगाल में, आठ तेलंगाना में, सात-सात मध्य प्रदेश और हरियाणा में, चार राजस्थान में, तीन-तीन मरीजों की मौत जम्मू-कश्मीर और कर्नाटक में, दो-दो की केरल और उत्तराखंड में, एक-एक मरीज मरीज की मौत आंध्र प्रदेश, बिहार तथा हिमाचल प्रदेश में हुई।

देश में अब तक कुल 8,102 संक्रमितों की मौत हुई है जिनमें सर्वाधिक 3,438 लोगों की मौत महाराष्ट्र में, 1,347 लोगों की मौत गुजरात में, 984 लोगों की मौत दिल्ली में, 427 लोगों की मौत मध्य प्रदेश में, 432 लोगों की मौत पश्चिम बंगाल में, 326 की मौत तमिलनाडु में, 321 की मौत उत्तर प्रदेश में, 259 की मौत राजस्थान में और 156 लोगों की मौत तेलंगाना में हुई।

मंत्रालय के डेटा के मुताबिक आंध्र प्रदेश में 78 संक्रमितों की मौत हुई, कर्नाटक में 69 की, पंजाब में 55 की, जम्मू-कश्मीर में 51 की मौत कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हुई। हरियाणा में 52 लोगों की मौत, बिहार में 33 की, केरल में 18 की, उत्तराखंड में 15 की, नौ लोगों की मौत ओडिशा में तथा आठ मरीजों की मौत झारखंड में हुई।

कोरोना वायरस के कारण छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश में छह-छह लोगों की मौत हुई, चंडीगढ़ में पांच लोगों की, असम में चार लोगों की, मेघालय, त्रिपुरा तथा लद्दाख में एक-एक व्यक्ति की मौत कोविड-19 के कारण हुई।

मंत्रालय की वेबसाइट पर कहा गया कि संक्रमण के कारण मौत के 70 फीसदी से अधिक मामलों में मरीज अन्य बीमारियों से भी पीड़ित थे।