कमल नाथ को सुप्रीम कोर्ट से राहत, चुनाव आयोग के आदेश पर लगी रोक

नई दिल्ली,  सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमल नाथ को राहत देते हुए चुनाव आयोग की खिंचाई की। शीर्ष अदालत ने स्टार प्रचारक का दर्जा वापस लेने के आयोग के आदेश पर रोक लगा दी।

चुनाव आयोग का प्रतिनिधित्व करते हुए वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी ने प्रधान न्यायाधीश एस.ए. बोबडे की अगुवाई वाली पीठ से कहा कि यह मामला बेमतलब का रह गया है, क्योंकि चुनाव प्रचार समाप्त हो चुका है और 3 नवंबर को उपचुनाव होने हैं।

कमल नाथ का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने द्विवेदी द्वारा की गई दलीलों का विरोध किया। सिब्बल ने कहा, हमें कोई नोटिस जारी नहीं किया गया था और यह मनमाना था।

चुनाव आयोग की खिंचाई करते हुए, मुख्य न्यायाधीश ने कहा, हम आपके आदेश पर रोक लगा रहे हैं।

प्रधान न्यायाधीश ने चुनाव आयोग से पूछा, एक उम्मीदवार को स्टार प्रचारक या पार्टी के एक नेता को जनप्रतिनिधि अधिनियम की धारा 77 के तहत नेतृत्व करने से रोकने की शक्ति आपको किसने दी?

द्विवेदी ने कहा, हम जवाब दाखिल करेंगे।

पीठ ने चुनाव निकाय को जवाब दाखिल करने के लिए कहा और कहा कि जब तक जवाब नहीं आ जाता, तब तक उसके आदेश पर रोक लगाई जाती है।

31 अक्टूबर को, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने 28 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनावों के लिए प्रचार करते समय आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का उल्लंघन करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा उनका स्टार प्रचारक का दर्जा रद्द करने पर इसके आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।