भारतीय-अमेरिकी पर कोविड-19 राहत योजना में धोखाधड़ी करने का आरोप

वाशिंगटन,   शिकागो में कई सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के मालिक भारतीय-अमेरिकी शख्स पर कोविड-19 राहत योजना में 400,000 डॉलर के फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया है।

संघीय अभियोजकों ने बताया कि राहुल शाह (51) पर बैंक धोखाधड़ी और वित्तीय संस्थान को झूठे बयान देने के आरोप में नॉर्दन डिस्ट्रिक्ट ऑफ इलिनोइस में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।

शिकायत के अनुसार शाह ने बैंक में कर्ज लेने की अर्जी दी जिसमें कोरोना वायरस सहायता, राहत एवं आर्थिक सुरक्षा (केयर्स) कानून के तहत छोटे उद्योग प्रशासन द्वारा दिए जाने वाले कर्ज में गलत तरीके से 400,000 डॉलर से अधिक राशि मांगी गई। ‘पेचेक प्रोटेक्शन प्रोग्राम’ के तहत दिया जाने वाला यह कर्ज माफ भी कर दिया जाता है।

अमेरिकी अटॉर्नी जॉन लॉश ने कहा, ‘‘पेचेक प्रोटेक्शन कार्यक्रम को कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान संघर्ष कर रहे छोटे उद्योगों की मदद करने के लिए बनाया गया है।’’

बैंक धोखाधड़ी और झूठे दस्तावेज देने के आरोप में 30-30 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है।