केमिकल हथियार रखने वाले आतंकियों पर भारत ने किया वैश्विक प्रयासों का आह्वान

संयुक्त राष्ट्र,  । भारत ने आतंकवादियों के पास केमिकल हथियार होने की आशंका पर चिंता व्यक्त की है और उनके खिलाफ वैश्विक कार्रवाई करने का आह्वान किया है।

सीरिया में केमिकल हथियारों के उपयोग को लेकर मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सत्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी.एस. तिरुमूर्ति ने कहा, ऐसे हथियारों के आतंकवादी संगठनों या लोगों के हाथों में होने की आशंका को लेकर भारत चिंतित है। आतंकवादी समूहों ने सीरिया में एक दशक से चल रहे संघर्ष का लाभ लेते हुए पूरे क्षेत्र के लिए खतरा पैदा कर दिया है। दुनिया इन आतंकवादियों को मनमर्जी करने देने का जोखिम नहीं उठा सकती है।

बता दें कि कई आतंकवादी संगठन सीरिया में सक्रिय हैं। इसमें विशेष रूप से इस्लामिक स्टेट के आतंकी हैं, जिन्हें इनके नियंत्रण वाले कई क्षेत्रों से बाहर निकाल दिया गया है।

तिरुमूर्ति ने कहा, भारत कहीं भी, किसी भी समय, किसी के भी द्वारा और किसी भी परिस्थिति में केमिकल हथियारों के इस्तेमाल का ²ढ़ता से विरोध कर रहा है। हम ऐसे हथियारों के इस्तेमाल की कड़ी निंदा करते हैं और मानते हैं कि इनके इस्तेमाल का कोई औचित्य नहीं हो सकता है।

परिषद का यह सत्र वर्चुअल तौर पर हुआ और एक महीने पहले गैर-स्थायी सदस्य के तौर पर निकाय में शामिल होने के बाद भारत ने यह अपना पहला आधिकारिक बयान दिया है।

उन्होंने आगे कहा, हमारे विचार में इस मुद्दे का राजनीतिकरण करना किसी के लिए भी फायदेमंद नहीं होगा। हमें सभी संबंधित पक्षों के बीच सलाह कर समस्या का समाधान करना चाहिए। सीरिया में केमिकल हथियारों के उपयोग के आरोपों और इस संबंध में की गई जांच को लेकर भारत ने लगातार निष्पक्ष जांच की जरूरत जताई है।

तिरुमूर्ति ने कहा, हम सीरिया और ओपीसीडब्ल्यू (ऑगेर्नाइजेशन फॉर प्रिवेंशन ऑफ केमिकल वेपंस) के तकनीकी सचिवालय के बीच सभी मुद्दों के जल्द समाधान के लिए सहयोग को प्रोत्साहित करते हैं। भारत ने ओपीसीडब्ल्यू ट्रस्ट फंड के लिए 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर का वित्तीय योगदान दिया है, ताकि सीरिया में केमिकल हथियारों के उपयोग से होने वाली विनाशकारी गतिविधियां रोकी जा सकें।

सत्र में संयुक्त राष्ट्र के निरस्त्रीकरण मामलों के उच्च प्रतिनिधि इजुमी नाकामित्सु ने ओपीसीडब्ल्यू की योजना के मुताबिक केमिकल हथियारों को नष्ट करने के लिए जरूरी प्रस्ताव के सीरिया द्वारा कार्यान्वयन करने के बारे में जानकारी दी।

नाकामित्सु ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इस बात का पूरा भरोसा नहीं है कि सीरिया का केमिकल हथियार कार्यक्रम पूरी तरह से खत्म हो गया है क्योंकि दमस्कस ने अभी तक इसका कोई डेटा नहीं दिया है।