आम बजट, रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा से तय होगी शेयर बाजारों की दिशा

नयी दिल्ली,  शेयर बाजारों के लिए यह सप्ताह काफी उथल-पुथल भरा रहने वाला है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि वित्त वर्ष 2021-22 के आम बजट, वृहद आर्थिक आंकड़ों तथा रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा जैसे बड़े घटनाक्रमों की वजह से बाजार में काफी उतार-चढ़ाव रह सकता है।

इसके अलावा कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बाजार को दिशा देने का काम करेंगे।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘‘आगे चलकर आम बजट तथा तिमाही नतीजों की वजह से बाजार में काफी उतार-चढ़ाव रह सकता है। बजट को लेकर बाजार को काफी उम्मीदें हैं।’’

इस सप्ताह एचडीएफसी, अडाणी पावर, हीरो मोटोकॉप और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे आएंगे।

शुक्रवार को संसद में पेश 2020-21 की आर्थिक समीक्षा में अगले वित्त वर्ष 2021-22 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 11 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। समीक्षा में कहा गया है कि कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण अभियान और उपभोक्ता मांग में सुधार से अगले वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था तेज वृद्धि दर्ज करेगी।

समीक्षा में हालांकि कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.7 प्रतिशत की गिरावट आएगी। समीक्षा कहती है कि कोविड-19 टीकाकरण अभियान से अर्थव्यवस्था में वी-आकार के सुधार को समर्थन मिलेगा।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष शोध अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘अब सभी की निगाह सोमवार को पेश होने वाले आम बजट पर है। हमारा मानना है कि बजट वृद्धि को प्रोत्साहन देने पर केंद्रित होगा। हालांकि, इस मोर्चे पर किसी तरह की निराशा से बाजार में और ‘करेक्शन’ आएगा।’’

इस सप्ताह विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के पीएमआई आंकड़े भी आने हैं। इनसे भी बाजार को दिशा मिलेगी। रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा शुक्रवार को आनी है। यह भी बाजार की धारणा को प्रभावित करने की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम होगा।

चॉइस ब्रोकिंग के कार्यकारी निदेशक सुमीत बगाड़िया ने कहा, ‘‘आगे चलकर निवेशकों की निगाह एक फरवरी को पेश होने वाले आम बजट पर रहेगी।’’ इसके अलावा वाहन कंपनियों के मासिक बिक्री आंकड़े भी सोमवार को आने हैं। इनसे भी बाजार को दिशा मिलेगी।

बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 2,592.77 अंक या 5.30 प्रतिशत नीचे आया।

विश्लेषकों ने कहा कि निवेशकों की निगाह वैश्विक घटनाक्रमों तथा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के रुख पर भी रहेगी।