फ्रेंच ओपन : फाइनल में केनिन, दूसरे ग्रैंड स्लैम खिताब पर नजरें

पेरिस, आस्ट्रेलियन ओपन विजेता सोफिया केनिन ने ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट फ्रेंच ओपन के फाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने महिला एकल वर्ग के सेमीफाइनल में चेक गणराज्य की पेट्रा क्वितोवा को मात दी।

अमेरिका की 21 साल की केनिन ने सातवीं सीड क्वितोवा को सीधे सेटों में 6-4, 7-5 से हरा फाइनल में जगह बनाई।

 

फाइनल में केनिन का सामना पोलैंड की युवा खिलाड़ी इगा स्वितेक से होगा जिन्होंने पहले सेमीफाइनल में नादिया पोडोरोस्का को 6-2, 6-1 से हरा पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में जगह बनाई।

बीबीसी ने केनिन के हवाले से लिखा, “क्वितोवा काफी मुश्किल खिलाड़ी हैं। उनका खेल काफी आक्रामक है और उनकी सर्विस शानदार है। मुझे अपने आप पर गर्व है। यह शानदार मैच था और मैं काफी खुश हूं।”

केनिन और स्वितेक एक दूसरे के खिलाफ खेली हैं लेकिन टूर पर नहीं बल्कि चार साल पहले जूनियर स्तर पर।

 

डबल्यूटीए की वेबसाइट ने केनिन के हवाले से लिखा, “मैंने आस्ट्रेलिया में खिताब जीता है। बीते दो मैचों में मैंने काफी मुश्किल मैच खेले हैं। मैं फाइनल में पहुंचकर काफी उत्साहित हूं। यह अविश्वनसनीय है। मैं आज इस पल का लुत्फ लेना चाहती हूं और कल होने वाले फाइनल के लिए तैयार रहना चाहती हूं।”

चौथी सीड इस खिलाड़ी का इस साल रिकार्ड 16-1 का है। उन्होंने आस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में स्पेन की गार्बिने मुगुरुजा को हरा अपना पहला ग्रैंड स्लैम जीता था।

अपनी विपक्षी के बारे में केनिन ने कहा, “हम फ्रेंच ओपन में जूनियर में एक साथ खेले हैं। वो काफी करीबी मैच था। मैं फाइनल के लिए अच्छे से तैयारी करूंगी और अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगी।”

स्वितेक ओपन इरा में रोलां गैरों के फाइनल में पहुंचने वाली पोलैंड की पहली खिलाड़ी हैं। वहीं किसी भी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में जाने वाली अपने देश की दूसरी। उनसे पहले 2012 में एजिन्स्का रादवांस्का ने विंबलडन के फाइनल में जगह बनाई थी।

स्वितेक फाइनल के अपने परिणाम को लेकर चिंतित नहीं है और उनका ध्यान अपना सर्वश्रेष्ठ खेलने पर है। फाइनल की राह में उन्होंने रोमानिया की सिमोना हालेप को मात दे सबसे बड़ा उलटफेर किया था जिससे उन्हें आत्मविश्वास मिलेगा।

उन्होंने कहा, ” सोफिया, इस साल शानदार फॉर्म में हैं। मैं उस तरह की खिलाड़ी हूं जो दबाव में बेहतर खेलती हूं। मैं इसलिए ज्यादा प्रभावशाली रही हूं क्योंकि मैं ज्यादा एकाग्र रहती हूं। मैं अपने विपक्षी खिलाड़ी को उनकी सर्वश्रेष्ठ टेनिस नहीं खेलने देती हूं। मुझे उम्मीद है कि मैं शनिवार को यह करूंगी। मुझे किसी तरह की उम्मीद नहीं है। मुझे इस बात की चिंता नहीं है कि मैं जीतूंगी या हारूंगी। मैं सिर्फ अपनी सर्वश्रेष्ठ टेनिस खेलूंगी। मुझ पर किसी तरह का दबाव नहीं है।”