मप्र में कोरोना से हुई हर मौत का विश्लेषण किया जाए : मुख्यमंत्री चौहान

भोपाल,   मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में कोविड-19 से अब तक हुई हर मौत का विश्लेषण किया जाए।

उन्होंने शुक्रवार को प्रदेश में कोरोना वायरस की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक के दौरान यह निर्देश दिए।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया, “मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों को कोविड-19 की वजह से हुई प्रत्येक मौत का विश्लेषण करने का निर्देश दिया है।’’ शुक्रवार रात तक प्रदेश में कोरोना वायरस से 334 लोगों की मौत हो चुकी है।

बैठक में प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि मध्यप्रदेश में कोविड-19 की मृत्यु दर 4.3 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर मृत्यु दर 2.8 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में मेडिकल और प्रशासन के अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के उपचार की सबसे बेहतर प्रणाली का उपयोग सुनश्चित कर मृत्यु दर को कम करना होगा। हर जीवन हमारे लिए अनमोल है।

चौहान ने बैठक में प्रदेश में कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित जिले इंदौर में कोविड-19 से हुई मौत की समीक्षा की। शनिवार सुबह तक इंदौर में 129 कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है।

सुलेमान ने बताया कि प्रदेश में कोरोना के सक्रीय मरीजों की संख्या में कमी आई है।

स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार शुक्रवार को प्रदेश में कोरोना के 192 नए मरीज सामने आये जबकि शुक्रवार को 219 मरीजों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दी गयी। प्रदेश में शुक्रवार शाम तक कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 3,042 थी।

बैठक में सुलेमान ने बताया कि प्रदेश में कोरोना मरीजों की ठीक होने की दर 56 प्रतिशत हो गई है जबकि देश में यह 42.8 फीसदी है। शुक्रवार रात तक मध्यप्रदेश में कुल 7,645 लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई।