राम मंदिर का निर्माण मैं भारत के एकात्मवाद के दर्शन- संपत राय

उज्जैन। राम मंदिर समर्पण निधि का अभियान विश्व का सबसे बड़ा जनसंपर्क अभियान है जिसमें 9 लाख राम भक्तों ने भाग लिया और साढ़े पांच लाख से अधिक जगह तथा व्यक्तियों तक संपर्क करने को पहुंचे।

उक्त बात माधव सेवा न्यास में राम मंदिर जन्मभूमि न्यास के महासचिव और मंदिर निर्माण से जुड़े चंपत राय जी ने माधव सेवा न्यास में पत्रकारों के समक्ष कहते हुए बताया कि राम मंदिर के निर्माण में हमें अपनी अपेक्षा से 4 गुना ज्यादा समर्पण निधि प्राप्त हुई है जिसका 1000 से अधिक स्थानों पर आडिट चल रहा है दिल्ली मैंचार्टर्ड अकाउंटेंट की बड़ी टीम इस काम में लगी हुई है जल्दी ही समर्पण निधि के वास्तविक आंकड़े सामने आएंगे।बगैर किसी राजनीति उद्देश्य के लिए चलाए गए इस अभियान में हमें हिंदू मुस्लिम सहित सभी वर्गों ने खुलकर सहयोग किया है।

राम मंदिर निर्माण की प्रगति के बारे में बताते हुए कहा कि उक्त मंदिर तीन मंजिल का बनेगा जिसमें 160 खंबे होंगे जमीन से मंदिर का तल हिस्सा जमीन से साढ़े 16 फीट ऊंची होगा ।पूरे मंदिर के निर्माण में कहीं पर भी लोहे का उपयोग नहीं किया जायेगा है पूरे निर्माण में 4.50 लाख घनफुट पत्थर लगेगा जिसमें 60 हजार घनफिट पत्थर अभी तैयार है और आगे का भी तैयार हो जाएगा। उक्त पत्थरों को तांबे की प्लेटो से जोड़ा जाएगा। मंदिर की नीव 40 फीट गहरी है जो पूरी तरह ठोस बनाई गई है आपने बताया कि उक्त सभी कार्यो में सरकार का कोई हस्तक्षेप नही है मंदिर लगभग 3 वर्षों में बनकर तैयार हो जाएगा।