अगले साल होने जा रहे उप्र चुनाव में अपने अंत की ओर है कांग्रेस

नई दिल्ली,  । अगर आपको लगता है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के लिए आगे बढ़ना असंभव है, तो हाल ही में किया गया यह सर्वे असलियत को सामने लाने वाला है।

आईएएनएस सी-वोटर ट्रैकर के अनुसार, उत्तर प्रदेश की 2021 की राजनीति कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में कांग्रेस को उसके अंत की ओर ले जाने की कहानी कहने वाली होगी। भारत के इस सबसे बड़े राज्य में देश की सबसे पुरानी पार्टी के फिर से जिंदा होने की उम्मीद करना बेमानी होगा क्योंकि यदि आज चुनाव होते हैं तो 403 सीटों वाली उत्तर प्रदेश की विधानसभा में कांग्रेस के केवल 4 सीटें जीतने का अनुमान है।

प्रियंका गांधी वाड्रा में हमेशा इंदिरा गांधी की झलक दिखाने की कोशिश की गई लेकिन ना तो उनकी छवि बदलने की ये कोशिश और ना ही उनका प्राकृतिक करिश्मा जमीन पर काम कर पा रहा है। ऐसे में कांग्रेस के उत्तर प्रदेश की राजनीति में फिर से जी उठने की कम और खात्मे की आशंका ज्यादा है।

प्रियंका गांधी के नेतृत्व के बावजूद उत्तर प्रदेश में 2016 में मिला 6.2 का वोट शेयर और नीचे गिरकर 5.9 प्रतिशत पर जा रहा है, जो इस पार्टी के अंत की ओर साफ इशारा करता है।

देश के सबसे बड़े राज्य की विधानसभा में केवल 4 सीटें पाने की संभावना न केवल विधानसभा चुनावों के लिए बल्कि अगले लोकसभा चुनावों की नजर से भी बेहद चिंताजनक है।

वहीं भाजपा 289 सीटों के साथ विधानसभा चुनावों में एक शानदार जीत के लिए तैयार है।