बाइडन प्रशासन रोजगार विरोधी, विज्ञान विरोधी है: ट्रंप

वाशिंगटन,   अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी में व्हाइट हाउस से जाने के बाद अपने पहले सार्वजनिक भाषण में 2024 में राष्ट्रपति पद के चुनाव में तीसरी बार खड़े होने की तैयारी करने का संकेत दिया और रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं से एकजुट होने की अपील की।

ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन की आलोचना करते हुए उसे ‘‘रोजगार विरोधी’’ और ‘‘विज्ञान विरोधी’’ करार दिया।

उन्होंने फ्लोरिडा के ओरलैंडो में ‘कन्जर्वेटिव पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ के वार्षिक सत्र में अपने समर्थकों की भीड़ से कहा, ‘‘हम व्हाइट हाउस में फिर से पहुंचेंगे। हम सीनेट में जीत हासिल करेंगे और रिपब्लिकन राष्ट्रपति व्हाइट हाउस में जीत हासिल करेगा। मुझे नहीं पता कि वह कौन होगा।’’

वह यह कहते-कहते कई बार रुक गए कि वह 2024 में फिर से राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ेंगे, लेकिन उन्होंने कई बार इस बात के संकेत दिए कि वह इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

उन्होंने नई पार्टी के गठन की संभावनाओं से इनकार कर दिया और तर्क दिया कि इससे रूढ़िवादियों के मत बंट जाएंगे। उन्होंने अपने समर्थकों से एकजुट होने की अपील की।

ट्रंप के आलोचक सीनेटर मिट रोमनी समेत कई रिपब्लिकन नेताओं ने कहा है कि यदि ट्रंप 2024 में रिपब्लिकन पार्टी की प्राइमरी में जीत हासिल करते हैं, तो वह उन्हें राष्ट्रपति पद के चुनाव में समर्थन देंगे।

रोमनी ने कहा कि यदि ट्रंप राष्ट्रपति पद के चुनाव में फिर से खड़े होने का फैसला करते हैं, तो वह पार्टी के प्राइमरी चुनाव जीत जाएंगे। सर्वेक्षणों के अनुसार भी ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों एवं समर्थकों के बीच काफी लोकप्रिय है।

ट्रंप ने आरोप लगाया कि बाइडन प्रशासन की नीतियां देश को समाजवाद के मार्ग पर लेकर जा रही हैं और उन्होंने देश को उस दिशा में नहीं ले जाने देने का संकल्प लिया।

उन्होंने ट्रंप प्रशासन को ‘‘रोजगार विरोधी, परिवार विरोधी, सीमा विरोधी, ऊर्जा विरोधी, महिला विरोधी और विज्ञान विरोधी’’ करार दिया।

ट्रंप ने कहा, ‘‘केवल एक महीने में ही, हम ‘पहले अमेरिका’ से ‘सबसे आखिर में अमेरिका’ तक पहुंच गए हैं।’’

उन्होंने बाइडन पर अवैध प्रवासियों के लिए सीमाएं खोलने का आरोप लगाया। उन्होंने 2020 में नवंबर में हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में व्यापक स्तर पर धोखाधड़ी होने के आरोप फिर से लगाए और कहा कि वास्तव में इन चुनाव में जीत उनकी हुई थी।