75 दिन से चल रहा नि:शुल्क भोजन सेवा प्रकल्प

उज्जैन। बेरोजगारी का दंश झेलते शहर में लॉक डाउन की वजह से गरीब वर्ग पर दोहरी मार पड़ी है। कोरोनो काल के दौरान शहर में नीड ब्लड डोनेशन ग्रुप ने बगैर किसी से आर्थिक सहायता लिए लगातार 75 दिन से जो भोजन सेवा का प्रकल्प प्रारंभ किया है, वह अभी अनवरत चल रहा है। अब तक 53700 पैकेट का निर्माण स्वयं की भोजन शाला में आज तक  संस्था नीड ने किया है। साथ ही 186700 पैकेट का वितरण जरूरतमन्द लोगों तक पहुंचाने का कार्य प्रशासन के साथ मिलकर भी किया।
नीड संस्थान के संयोजक अंकित चौबे ने बताया कि ग्रुप के सदस्यों में व्यापारी नौकरी पेशा, इंजीनियर डॉक्टर ट्रांसपोर्टर कृषक सभी तरह के व्यवसाय से जुड़े लोग सेवाकार्य कर रहे हैं। संस्था का एक ही लक्ष्य है कि जब तक जरूरतमन्द लोगों के जीवन पटरी पर नहीं आ जाते तब तक सेवा करते रहेंगे।
नीड ब्लड डोनेशन ग्रुप द्वारा 22 मार्च से शुरू किए सेवा कार्य निरतंर जारी है। शहर के अधिकांश प्रमुख सेवाभावी संस्थाओं ने लॉक डाउन -5 के प्रारम्भ होने पर अपने सेवा प्रकल्प बन्द करने का निर्णय ले लिया। बावजूद इसके नीड ग्रुप ने अपने सेवा कार्य की रफ्तार अनलॉक -1 में सेवा दुगनी कर दी, जिससे जरूरतमन्द व्यक्ति भूखा न सो सके। नीड ग्रुप के संयोजक अंकित चौबे ने बताया कि 1 मई से लॉक डाउन में छूट मिलने से हालात कुछ हद तक सामान्य हो रहे हैं लेकिन 2 महीने से अधिक समय से लोगों के पास कोई रोजगार नहीं था और वो घर पर ही थे, इसलिये ग्रुप ने तय किया कि कुछ समय और उनके भोजन की चिंता करना हमारा फर्ज है इसीलिए पहले 700 पैकेट नित्य हमारी भोजनशाला में बनते थे और हम 2500 लोगों को भोजन पहुंचाने का कार्य प्रशासन के साथ करते थे, लेकिन अभी कुछ प्रमुख संस्थाओं के भोजन निर्माण बन्द करने के बाद हमने 1500 लोगों का खाना नित्य भोजनशाला में बनाना शुरू कर दिया है। इस कार्य में ग्रुप के महेश कुमावत, जितेंद परमार, प्रवीण चौबे, रवि यादव, नीरज तिवारी, राजेश अहिरवार, संदीप पाल, सोनू जैन, चीनू चौबे, यश तंवर, मोन्टी निगम, राहुल प्रजापत, ललित चौहान, विवेक यादव, आदर्श श्रीवास, राजा श्रीवास, शुभम श्रीवास्तव, राकेश कैथवास, तारकेश बगड़िया, हेमू रायकवार, गणेश पंवार, नीतू चौधरी, हेमन्त जैन, मुकेश दुबे, राजा कुशवाह, अविनाश अग्रवाल, गोलू मल्ला आदि ग्रुप सदस्य नित्य अपनी सेवाएं दे रहे हैं।