पूर्वी ताइवान में ट्रेन हादसे में 36 की मौत, कई घायल

ताइपे,   ताइवान में पहाड़ी से एक ट्रक के गिरने और नीचे से गुजर रही ट्रेन से टकरा जाने से कम से कम 36 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। ताइवान के सबसे घातक रेल हादसे में यात्रियों को जान बचाने के लिए रेल की खिड़कियों और छत पर चढ़ते हुए देखा गया।

हुआलियन काउंटी के अधिकारियों ने कहा कि ट्रेन हादसे को लेकर राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। उन्होंने बताया कि ट्रेन में 400 से अधिक लोग सवार थे।

यह हादसा सरकारी छुट्टी वाले दिन ताइवान की व्यापक रेल प्रणाली पर हुआ, जो दुर्गम पहाड़ी सड़क मार्गों से बचने के लिए लोगों में बेहद लोकप्रिय है।

रेलवे समाचार अधिकारी वेंग हुई-पिंग ने कहा कि ट्रेन में सवार ज्यादातर लोगों को निकाल लिया गया हालांकि आपात कर्मी तबाह हुए डिब्बों में कई लोगों की तलाश कर रहे हैं जो चिंताजनक जगहों पर फंसे हुए हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि 36 लोगों की मौत की पुष्टि के साथ ही यह ताइवान का सबसे घातक रेल हादसा है।

वेंग ने बताया कि रेलवे प्रशासन द्वारा निर्माण कार्य के लिए प्रयोग में लाया जाने वाला एक ट्रक ऊपर पहाड़ी से फिसलकर पटरियों पर आ गिरा। ट्रक से उस वक्त काम नहीं लिया जा रहा था। उन्होंने कहा कि टोरोको जॉर्ज दर्शनीय स्थल के पास नौ बजकर 28 मिनट पर हुए हादसे के दौरान ट्रेन की गति का पता नहीं चल सका है।

ट्रेन सुरंग से निकली ही थी जब यह घटना हुई और उसका ज्यादातर हिस्सा अब भी सुरंग के भीतर ही है जिससे बाहर निकलने की कोशिश कर रहे यात्रियों को मजबूरन खिड़कियों, दरवाजों और छतों पर चढ़ना पड़ा।

अधिकारिक सेंट्रल न्यूज एजेंसी की वेबसाइट पर घटनास्थल पर मौजूद लोगों द्वारा पोस्ट की गई तस्वीरों और टीवी फुटेज में लोग सुरंग के प्रवेश के ठीक बाहर ट्रेन के एक डिब्बे के खुले हुए गेट पर चढ़ते हुए दिख रहे हैं। एक डिब्बे का अंदरूनी हिस्सा पूरी तरह उखड़कर बगल की सीट पर आ गिरा है।

ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन ने ट्वीट में कहा कि आपातकालीन सेवाओं को “पूरी तरह बचाव के काम, यात्रियों एवं प्रभावित स्टाफ की मदद के काम पर लगा दिया गया है। हम इस दिल दहला देने वाले हादसे को देखते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सबकुछ करेंगे।”

यह दुर्घटना चार दिन के टॉम्ब स्वीपिंग उत्सव के पहले दिन हुई है।

ताइवानी प्रधानमंत्री सू सेंग चांग ने कहा कि रेलवे प्रशासन को ‘ऐसी किसी भी घटना को दोबारा होने से रोकने के लिए तत्काल दूसरी रेल लाइनों की भी जांच करनी चाहिए।