ढाका में 10 में से 1 व्यक्ति कोविड-19 से संक्रमित हो सकता है

ढाका,   विश्व बैंक ने आगाह किया है कि ढाका में हर 10 में से एक व्यक्ति पहले से ही कोविड-19 से संक्रमित हो सकता है। विश्व बैंक का कहना है कि कोरोनावायरस महामारी से हाल-फिलहाल निजात मिलने की संभावना नहीं है।

विश्व बैंक ने ‘बीटन या ब्रोकन? अनौपचारिकता और कोविड -19’ शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की है, जो बांग्लादेश में दैनिक संक्रमण और मौतों की एक स्थिर संख्या के बीच आती है, जो सर्दियों के मौसम में संक्रमण की दूसरी लहर की संभावना के बढ़ने की ओर इशारा करती है।

बांग्लादेश में अधिकारियों ने गुरुवार को 1,441 नए कोरोना मामले सामने आने की जानकारी दी, जिसके बाद देश में कोरोना के कुल मामलों की संख्या 374,592 तक पहुंच चुकी है।

इसी अवधि में वायरस से बीस लोगों की मृत्यु हो गई, जिससे कुल मृत्यु का आंकड़ा 5,460 पर पहुंच चुका है।

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के अनुसार, अब तक पीड़ितों में से आधे से अधिक ढाका डिवीजन से हैं।

 

देश की मृत्यु दर लगभग 1.46 प्रतिशत है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि देश में वास्तविक संक्रमण के मामले पंजीकृत मामलों की तुलना में बहुत अधिक हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे ठोस सबूत नहीं है, जिससे यह कहा जा सके कि जो लोग कोविड-19 से उबर चुके हैं, उन्होंने दीर्घकालिक प्रतिरक्षा विकसित कर ली है। इसलिए दक्षिण एशिया में महामारी के भविष्य के बारे में अनिश्चितता बनी हुई है और केवल परिवार के लोग व रिश्तेदार ही यह निश्चित कर सकते हैं कि संक्रमण दोबारा हुआ है या नहीं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि परीक्षण की दर काफी कम है और इन देशों में कोविड-19 संक्रमण की वास्तविक जानकारी अनिश्चित है।

विश्व बैंक ने एक और महत्वपूर्ण बात की ओर इशारा करते हुए कहा है कि काफी लोग शुरूआती चरण में परीक्षण करवाना पसंद नहीं कर रहे हैं और वे तभी परीक्षण व चिकित्सा के लिए जाते हैं, जब उन्हें गंभीर लक्षण दिखाई देने लग जाते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके अलावा दक्षिण एशिया की आबादी की उम्र औसतन कम है, जिससे संक्रमण के कारण केवल हल्के लक्षण ही देखने को मिल रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है, “अधिकांश दक्षिण एशियाई देशों का कोविड-19 के परीक्षण को लेकर खराब प्रदर्शन है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित परीक्षण के लिए बेंचमार्क रेंज 10 से 30 प्रति पुष्ट मामलों के बीच है।”

लेकिन बांग्लादेश इस रेंज के नीचे परीक्षण कर रहा है, जो इसकी दर्ज संख्याओं को विशेष रूप से अनिश्चित बनाता है।

केवल भूटान और श्रीलंका, जिनके पास प्रति व्यक्ति बहुत कम मामले हैं, उन देशों ने ही मार्च से अब तक उस सीमा से ऊपर परीक्षण किया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश में 10 प्रतिशत से भी कम जिलों में प्रति 100,000 लोगों पर 50 से कम मामले हैं।