‘हॉलीडे डेस्टिनेशन’ तय करने में अहम भूमिका निभाता है बॉलीवुड

बॉलीवुड आधुनिक फैशन एवं लोगों की जीवनशैली को प्रभावित करने में तो हमेशा अहम भूमिका निभाता रहा है लेकिन अब लोग छुट्टियां मनाने के लिये भी अपने ‘हॉलीडे डेस्टिनेशन’ तय करते समय फिल्मी दुनिया से काफी प्रभावित होते दिखाई दे रहे हैं।

बॉलीवुड में अलग-अलग स्थानों पर शूटिंग करने का चलन हमेशा से ही रहा है और अब लोग इन तमाम स्थलों को अपने ‘हॉलिडे डेस्टिनेशन’ भी बनाने लगे हैं।

इंडिया गेट से दिल्ली और गेटवे ऑफ इंडिया से मुंबई को पहचानने वाले लोग अब ‘कोरसिको’ को फिल्म ‘तमाशा’ और ‘प्राग’ को फिल्म ‘रॉकस्टार’ से पहचानने लगे हैं।

बॉलीवुड फिल्मों के जादू का आलम यह है कि ‘जिंदगी न मिलेगी दोबारा’ के बाद ‘स्पेन’ और ‘रॉकस्टार’ के बाद ‘प्राग’ लोगों के पसंदीदा पर्यटन स्थलों में शुमार हो गया है। वहीं ‘दुबई’ तो भारतीय फिल्मों की शूटिंग और समारोहों के आयोजन का दूसरा बड़ा हब बनता जा रहा है।

‘एसओटीसी ट्रेवल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’ :उत्तर: के वरिष्ठ बिक्री प्रबंधक ओबी थॉमस ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘ बॉलीवुड फिल्मों का असर जाहिर तौर पर आम जनता पर काफी पड़ता है और लोगों के निर्णय इससे काफी हद तक प्रभावित होते हैं। किसी भी फिल्म की शूटिंग अगर किसी नई जगह पर की जाती है, तो लोग वहां जाने को उत्सुक हो जाते हैं। ’’ उन्होंने कहा कि लोग अपने परिवार के साथ फिल्में देखने जाते हैं और फिर वहीं बैठे-बैठे अपनी अगली ‘हॉलिडे डेस्टिनेशन’ तय कर लेते हैं।

एफसीएम ट्रेवल सोल्यूशन्स’ के बिक्री कार्यकारी एबिन अचनकुंज ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘किसी भी फिल्म में लोगों को सबसे अधिक आकषिर्त उसके दृश्य करते हैं और खूबसूरत स्थानों पर फिल्माए दृश्य उनके दिलो-दिमाग में बस जाते हैं। ऐसी फिल्में देखने के बाद सबसे पहले लोग गूगल पर यह खोजते हैं कि उस फिल्म की शूटिंग कहां की गई है और उससे जुड़ी खास बातें क्या-क्या हैं? ’’ हालांकि एबिन ने यह भी कहा कि बॉलीवुड फिल्मों का यह पहलू सभी वर्गों को आकषिर्त नहीं करता। एक वर्ग विशेष के लोग ही इन बातों से प्रभावित होकर फैसले लेते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘बॉलीवुड अक्सर एक खास वर्ग को ही आकषिर्त कर पाता है और इससे ज्यादातर युवा पीढ़ी ही प्रभावित होती है। बात फैशन की हो या सितारों की जीवनशैली को अपनाने की, ज्यादातर युवा ही बालीवुड के रंग में रंगे नजर आते हैं। ’’ ‘फाउंटनहेड एंटरटेंमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ में ‘कॉपरेरेट जर्नी सेल्स’ विभाग के एक्जिक्यूटिव ऑपरेशन भारत ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘इनसे एक पीढ़ी उपर के लोग ऐसे पहलुओं से प्रभावित हुए बिना, समझदारी से विभिन्न विकल्पों पर विचार करके ही घूमने के लिए स्थान का चयन करते थे। ’’ भारत का कहना है कि बॉलीवुड में किसी भी स्थान को इतनी बखूबी फिल्माया जाता है कि इसके बाद उस स्थान को पर्यटन बढ़ाने या लोगों को आकषिर्त करने के लिए कोई खास तैयारियां नहीं करनी पड़ती।

उन्होंने कहा, ‘‘बॉलीवुड की फिल्मों के खूबसूरत दृश्य दर्शकों को कुछ इस कदर प्रभावित करते हैं कि इसके बाद उस विशेष पर्यटन स्थल को पर्यटकों को आकषिर्त करने के लिए कोई खास तैयारी नहीं करनी पड़ती। ’’